गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुन झूमे लोग

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सेसा में स्थित श्री काली माता मंदिर पर चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा

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रिपोर्ट: विवेक तिवारी focusnews24x7 

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  • गोवर्धन पूजा में गोधन यानी गायों की पूजा होती हैं।
  • गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी माना गया है। कहा कथा वाचक पंडित रामशरण शास्त्री जी महाराज ने
  • गौ माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती हैं।

आपको बता दें झाँसी जनपद के ग्राम सेसा में स्थित श्री काली माता मंदिर पर चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा,कथा का पांचवा दिन कथा वाचक पंडित रामशरण शास्त्री जी महाराज ने कहा कि गोवर्धन पूजा का भारतीय लोकजीवन में काफी महत्व है।

गोवर्धन पूजा में गोधन यानी गायों की पूजा होती हैं। मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्रदेव की पूजा करने बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा था। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा था, क्योंकि गोवर्धन पर्वत से ही पूरे ब्रज की गाय को चारा मिलता था।

गाय उसी प्रकार पवित्र होती हैं, जैसे नदियों में गंगा पवित्र होती ।गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी माना गया है।जिस तरह से देवी लक्ष्मी सुख समृद्धि प्रदान करती हैं।उसी प्रकार गौ माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती हैं। कथा का मूल्य पाठ आचार्य पंडित प्रशांत चतुर्वेदी ने किया।

पंडित सत्येंद्र शास्त्री, ऑर्गन पर गौतम शर्मा सिंगर, ढोलक पर वीर सिंह कुमार, पैड पर रामशंकर तिवारी रहे।

कथा की आरती पारीछत श्रीमती सरोज कुमारी एवं जागेश्वर दयाल नायक ने की।

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