वक्फ बोर्ड के अस्तित्व से धार्मिक असंतुलन पैदा हो रहा है प्रयागराज में आयोजित धर्म संसद में संतों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर की चर्चा ।
रिपोँट : विनय कुमार पचौरी
प्रयागराज में आयोजित धर्म संसद में संतों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और अपने विचार प्रस्तुत किए।
प्रमुख बिंदु ,इसप्रकार हैं:
1. सनातन बोर्ड का गठन: संतों ने मंदिरों के प्रबंधन में सुधार के लिए ‘सनातन बोर्ड’ के गठन की मांग की। इस बोर्ड में 13 अखाड़ों को प्रमुख भूमिका देने और देशभर के 200 प्रमुख मंदिरों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया। हालांकि, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने इस मांग से स्वयं को अलग कर लिया है।
2. वक्फ बोर्ड को समाप्त करने की मांग: धर्म संसद में वक्फ बोर्ड को समाप्त करने की भी मांग उठाई गई। संतों का मानना है कि वक्फ बोर्ड के अस्तित्व से धार्मिक असंतुलन पैदा हो रहा है, जिसे समाप्त करना आवश्यक है।
3. राहुल गांधी का बहिष्कार: संतों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति पर की गई टिप्पणियों की निंदा की और उन्हें हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने का प्रस्ताव पारित किया। संतों ने राहुल गांधी से एक महीने के भीतर अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
4. समान नागरिक संहिता (UCC) का समर्थन: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धर्म संसद में समान नागरिक संहिता (UCC) के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि उत्तराखंड में इसे लागू किया गया है। उन्होंने इसे समाज में समानता और समरसता स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इन मुद्दों पर संतों के विचारों को विस्तार से जानने के लिए आप हमारे वीडियो देख सकते हैं:
प्रयागराज में आयोजित धर्म संसद में राजस्थान देवरिया व अन्य स्थानो से आए संतों ने विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस धर्म संसद में प्रमुख रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मनुस्मृति पर दिए गए कथित विवादास्पद बयान की निंदा की गई और उन्हें हिंदू धर्म से निष्कासित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
इसके अतिरिक्त, संतों ने सनातन बोर्ड के गठन की मांग की, जिसमें 13 अखाड़ों को महत्वपूर्ण भूमिका देने और 200 प्रमुख मंदिरों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया। हालांकि, अखाड़ा परिषद ने इस मांग से स्वयं को अलग कर लिया है।
इन मुद्दों पर संतों के विचारों को विस्तार से जानने के लिए आप हमारे चैनल पर लिंक पर किल्क कर वीडियो देख सकते हैं:





