विशेष रिपोर्ट: सबीर भाटिया का संदेश हुआ वायरल — “बच्चों को पैसों से ज्यादा माता-पिता का वक्त चाहिए”

आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज के वायरल वीडियो ने जिस मुद्दे को छुआ, उसने देशभर में एक नई बहस छेड़ दी है—क्या हम बच्चों को समय दे रहे हैं या सिर्फ सुविधाएं? इसी विषय पर अब हॉटमेल के को-फाउंडर और भारतीय-अमेरिकी एंटरप्रेन्योर सबीर भाटिया भी खुलकर सामने आए हैं।

प्रेमानंद महाराज के वीडियो में माता-पिता से कहा गया था कि “बच्चे को पैसा नहीं, आपका समय चाहिए… उनके साथ बैठिए, खेलिए, बात कीजिए।” यह संदेश सोशल मीडिया पर लाखों लोगों ने देखा। इसी के बाद सबीर भाटिया ने भी एक्स पर अपनी एक पोस्ट शेयर कर आधुनिक पेरेंटिंग पर सवाल खड़े किए।

“हम माता-पिता हैं या ATM मशीन?” — सबीर भाटिया

सबीर भाटिया ने अपनी पोस्ट में लिखा कि आजकल माता-पिता बच्चे पालने का बड़ा हिस्सा आया, नौकरानी और ड्राइवर पर छोड़ देते हैं। सुबह से रात तक ऑफिस और बिजनेस में व्यस्त रहकर वे सिर्फ आर्थिक जरूरतें पूरी करते हैं, लेकिन भावनात्मक जरूरतें पीछे रह जाती हैं।

उन्होंने सवाल उठाया—
“आखिर हम अपने बच्चों के माता-पिता हैं या सिर्फ पैसों का इंतज़ाम करने वाली ATM मशीन?”

भाटिया ने कहा कि रोजमर्रा का प्यार, तकरार, हंसी-मजाक, सलाह और अनुशासन—ये सभी चीजें सिर्फ मां-बाप दे सकते हैं, कोई कर्मचारी नहीं। अगर बच्चों को भावनात्मक सहारा नहीं मिलेगा, तो पैसे से उनकी परवरिश कभी पूरी नहीं हो सकती।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई।

कई यूजर्स ने भाटिया की बात को “सही और समय की जरूरत” बताया।

कुछ लोगों ने लिखा कि “कमाई की मजबूरियों में हर माता-पिता ऐसा नहीं कर सकता।”

वहीं कुछ लोगों ने इसे “अत्यधिक आदर्शवादी” टिप्पणी बताया और कहा कि आज के समय में नौकरों की मदद लेना मजबूरी बन गया है।

बहस का मुद्दा बना प्रेमानंद महाराज का संदेश

वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज का वीडियो लगातार शेयर हो रहा है जिसमें वे कहते हैं—
“बच्चा आपसे पैसा नहीं मांगता, वह चाहता है कि आप उसके साथ बैठें।”

उनकी इस अपील ने हज़ारों माता-पिता को अपने बच्चों के साथ बिताए समय पर दोबारा सोचने को मजबूर किया है।

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