यूपी के सभी 75 जिलों में बनेगा स्टेडियम – मुख्यमंत्री योगी का बड़ा ऐलान

■ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में खेलों को नया स्वरूप देने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

यूपी के सभी 75 जिलों में अत्याधुनिक स्टेडियम और हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम बनाने का काम तेज़ी से शुरू कर दिया गया है।

यह घोषणा CM ने वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता 2025 (ग्रीको-रोमन कुश्ती) के पुरस्कार वितरण समारोह में की।

अंडर-17 और अंडर-19 श्रेणी के विजेता खिलाड़ियों को मंच पर सम्मानित किया गया।

खेलों को गांव-गांव तक ले जाने पर फोकस

पहले खेल सुविधाएं सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित थीं, लेकिन अब सरकार इन्हें गांवों और ब्लॉकों तक पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

कई जिलों में स्टेडियम निर्माण का काम शुरू हो चुका है।

18 जिलों के सरकारी कॉलेजों में 5-5 करोड़ रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम स्वीकृत।

गोरखपुर और महाराजगंज के कॉलेजों में भी खेल सुविधाओं का विस्तार चल रहा है।

उद्देश्य: खेल संस्कृति को गांव-गांव तक पहुंचाना।

स्कूल–कॉलेजों के लिए पहला बड़ा खेल बजट

बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए सरकार ने विशेष अनुदान लागू किया:

प्रत्येक कॉलेज को ₹25,000

जूनियर हाई स्कूल को ₹10,000

बेसिक और माध्यमिक स्कूलों को ₹5,000

यह धनराशि खेल सामग्री, कोचिंग गतिविधियों और स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए दी जा रही है।

यूपी में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर संस्थागत खेल बजट लागू किया गया है।

मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी

मेरठ में अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण तेजी पर।

इसका नाम मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी रखा गया है।

विश्वविद्यालय खेल विज्ञान, कोचिंग, फिटनेस और प्रशिक्षण का बड़ा केंद्र बनेगा।

2030 कॉमनवेल्थ गेम्स पर मुख्यमंत्री का फोकस

खिलाड़ियों को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अभी से तैयारी करने की प्रेरणा दी।

कहा—“अंडर-17 और अंडर-19 खिलाड़ी ही 2030 में तिरंगा लहराने वाले चैंपियन बनेंगे।”

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को जीत–हार को सीख के रूप में लेने और निरंतर आगे बढ़ने की सलाह दी।

यूपी खेलों का उभरता हुआ केंद्र

अधिकारियों के अनुसार योगी सरकार की यह नीति आने वाले वर्षों में यूपी को पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे खेल मजबूत राज्यों की बराबरी में ला सकती है।

तेजी से बन रही खेल संरचना यह संकेत देती है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ आबादी नहीं, बल्कि खेल शक्ति के रूप में भी पहचाना जाएगा।

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