ध्रुव चरित्र की कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रोता
रिपोर्ट : विवेक तिवारी focusnews24x7
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पूंछ सेसा (झाँसी) आपको बता दें झाँसी जनपद के ग्राम सेसा में स्थित श्री काली माता मंदिर पर चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा,कथा का तीसरा दिन कथा वाचक पंडित रामशरण शास्त्री जी महाराज ने आज श्रीमद् भागवत की कथा में ध्रुव के चरित्र का वर्णन किया गया।
कथा व्यास ने ध्रुव के चरित्र के बारे में बताते हुए कहा कि भगवान को प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती है ध्रुव ने अपने मन में दृढ़ संकल्प कर लिया था कि मुझे भगवान को प्राप्त करना है और उसी संकल्प को ध्यान में रखते हुए वनवास में तपस्या करते हुए भगवान को प्राप्त किया।
ध्रुव कथा प्रसंग में बताया कि सौतेली मां से अपमानित होकर बालक ध्रुव कठोर तपस्या के लिए जंगल को चल पड़े।
बारिश, आंधी-तूफान के बावजूद तपस्या से न डिगने पर भगवान प्रगट हुए और उन्हें अटल पद प्रदान किया।
भागवत कथा का मूल्य पाठ आचार्य पंडित प्रशांत शास्त्री बनारस ( कुंडली विशेषज्ञ) । पंडित सत्येंद्र शास्त्री, ऑर्गन पर गौतम शर्मा सिंगर,ढोलक पर वीर सिंह कुमार, पैड पर रमाशंकर तिवारी रहे।
कथा की आरती पारीछत श्रीमती सरोज कुमारी एवं जागेश्वर दयाल नायक ने की।
इस दौरान मंदिर के पुजारी जमुना प्रसाद पाल ,पंडित रिंकू महाराज सेसा, विनय कुमार पचौरी पहांडगाव एवं समस्त लोग उपस्थित रहे।





