जिया माँ साहित्य मंच का भव्य आयोजन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंजी साहित्य साधना

नई दिल्ली/बेंगलुरु/प्रयागराज।
परम संत जिया माँ के अवतरण दिवस के पावन अवसर पर जिया माँ साहित्य मंच द्वारा भव्य काव्य गोष्ठी एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

देश-विदेश के साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम साहित्यिक ऊर्जा और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रहा।
हुआ काव्य गोष्ठी का आयोजन 
बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम में ब्रिगेडियर दिलीप कुमार अवल, अजय कुमार मिश्र एवं राजश्री गौड़ के संरक्षण में आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता सह-संस्थापक लेफ्टिनेंट किशोर सिंह राठौर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्राचार्य कमलेश मलिक की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ नूतन कौशिक द्वारा जिया माँ की वंदना से हुआ।
इस अवसर पर डॉ. रामनिवास तिवारी सहित अनेक कवियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत कीं।

“जय हिंद” और “वंदे मातरम्” के नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
प्रयागराज में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी
वही प्रयागराज स्थित साहित्यिक पटल के तृतीय वार्षिकोत्सव पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन गूगल मीट के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में अमेरिका, सिंगापुर, श्रीलंका और भारत सहित विभिन्न देशों के साहित्यकार जुड़े।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अमेरिका से मृदुल जी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. कविता प्रसाद (वाराणसी) उपस्थित रहीं। डॉ. कविता प्रसाद, महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री हैं। उन्होंने प्रसाद जी के साहित्य पर प्रकाश डालते हुए हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा पर अपने विचार व्यक्त किए।
संस्थापक अध्यक्ष अर्जुन गुंजन ने मंच की साहित्यिक गतिविधियों, कार्यशालाओं और ‘संचेतना के स्वर’ त्रैमासिक पत्रिका के संपादन की जानकारी दी। बताया गया कि अब तक लगभग 90 से अधिक नवोदित रचनाकारों को मंच से प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

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