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पुलिस लाइन देवरिया में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित

 

देवरिया, । पुलिस लाइन देवरिया के प्रेक्षागृह में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ (Child Marriage Free Bharat) राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम (27 नवम्बर 2025 से 08 मार्च 2026) तथा विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) की मासिक समीक्षा बैठक (फरवरी 2026) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. संजय गुप्ता, नोडल अधिकारी (स्वास्थ्य विभाग) ने की, जबकि संचालन श्री जय प्रकाश तिवारी, संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा किया गया।
बाल संरक्षण और किशोर न्याय पर विशेष चर्चा
बैठक में किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य श्री ब्रजेश नाथ तिवारी ने विधि विरुद्ध बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करते समय सोशल बैकग्राउंड रिपोर्ट अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाने की जानकारी दी।
बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री विवेकानन्द मिश्र ने समिति से संबंधित विषयों एवं नवीन शासनादेशों की जानकारी देते हुए बच्चों के प्रति संवेदनशील और पारिवारिक व्यवहार अपनाने पर जोर दिया।
राजकीय बाल गृह (बालक) के प्रभारी अधीक्षक श्री राम कृपाल ने बाल गृह की संरचना, खोए-पाए बच्चों की देखरेख तथा उनके पुनर्वासन संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्री दिनेश कुमार ने बाल श्रम उन्मूलन एवं श्रम विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

हेल्पलाइन और ‘ऑपरेशन खोज’ पर जोर
चाइल्ड हेल्पलाइन देवरिया की प्रभारी कोऑर्डिनेटर सुश्री अनुराधा राज ने 1098 हेल्पलाइन के महत्व एवं बाल विवाह रोकथाम में पुलिस के सहयोग पर प्रकाश डाला।
थाना एएचटीयू के प्रभारी निरीक्षक श्री सुरेश कुमार वर्मा ने एसजेपीयू के कर्तव्यों एवं दायित्वों की जानकारी देते हुए अभियान को सफल बनाने की अपील की।
कार्यालय अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन द्वारा गुमशुदा बच्चों के संबंध में जारी आदेशों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन एवं संचालित बाल गृहों/आश्रय गृहों का भौतिक निरीक्षण कर ‘ऑपरेशन खोज’ विशेष अभियान के तहत बच्चों की बरामदगी और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 की जानकारी
बैठक में बताया गया कि 27 नवम्बर 2025 से 08 मार्च 2026 तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को ऑनलाइन लिंक/स्कैनर के माध्यम से बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई जाएगी। जनपद में बाल विवाह की रोकथाम हेतु जिला संचालन समिति का गठन भी किया गया है।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के तहत 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एवं 21 वर्ष से कम आयु के युवक का विवाह कराने पर दोषी पाए जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना एवं दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को “बाल विवाह रोकथाम योद्धा” के रूप में संकल्प दिलाया गया कि वे जनपद को बाल विवाह मुक्त बनाने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे।
आपात स्थिति में 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन तथा 112 पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की जानकारी भी दी गई।
बैठक में जिला परिवीक्षा अधिकारी श्री अनिल कुमार सोनकर, जिला बाल संरक्षण इकाई के श्री अरबिन्द यादव, उप निरीक्षक श्री गोविन्द सिंह, मुख्य आरक्षी श्री सत्यपाल चौहान, आरक्षी श्री आकाश सिंह कुशवाहा सहित समस्त थानों के नामित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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