जालौन में भारतीय मजदूर संघ का 18 सूत्रीय ज्ञापन, कर्मचारियों की समस्याओं पर उठी जोरदार आवाज

जालौन (उरई),  भारतीय मजदूर संघ, उत्तर प्रदेश, जिला जालौन (उरई) इकाई द्वारा कर्मचारियों और मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित 18 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी उरई के माध्यम से सौंपा गया।
ज्ञापन में संगठन ने कहा कि वर्तमान समय में मजदूर, कर्मचारी और असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिक महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी उपेक्षा के कारण अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। संगठन ने सरकार से त्वरित हस्तक्षेप कर समस्याओं के समाधान की मांग की है।
कर्मचारियों की प्रमुख समस्याएं
संगठन के जिला अध्यक्ष राम नरेश गुबरेले एवं जिला मंत्री राहुल मिश्रा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि:
■ आंगनबाड़ी एवं आशा/आशा संगिनी कार्यकर्ताओं को घोषित मानदेय का पूर्ण लाभ नहीं मिल रहा है।
■ संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलता और नौकरी से निकाले जाने का भय बना रहता है।
■ सफाई कर्मचारियों से बिना सुरक्षा उपकरणों के कार्य लिया जा रहा है तथा उचित वेतन नहीं दिया जा रहा।
■ एनएचएम में कार्यरत संविदा कर्मियों को बीमा सुविधा लागू नहीं की गई।
108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाओं के बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली अब तक नहीं की गई।
■ पटरी एवं रेहड़ी दुकानदारों का उत्पीड़न जारी है।
■ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं भोजन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।
■ सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली की मांग लंबित है।

ज्ञापन की प्रमुख 18 मांगें
■ सहकारी बैंकों के वेतनमान पुनरीक्षण की विसंगतियों का निराकरण।
जिला सहकारी बैंकों में सहायक महाप्रबंधक पद का सृजन।
■ बैंकिंग उद्योग में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए।
■ वर्ष 2001 से पूर्व के संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण।
■ परिवहन निगम के मृतक आश्रितों को नौकरी दिए जाने के आदेश का पालन।
■ निकायों में कार्यरत वाहन चालकों का रिक्त पदों पर समायोजन।
■ पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस योजना लागू की जाए।
■ पटरी-रेहड़ी दुकानदारों को स्थायी स्थान एवं उत्पीड़न बंद हो।
■ ई-रिक्शा व ऑटो चालकों को स्टैंड उपलब्ध कराए जाएं।
■ ई-रिक्शा, ऑटो चालक, धोबी, दर्जी, बढ़ई, लुहार आदि को मजदूर श्रेणी में शामिल कर सामाजिक सुरक्षा दी जाए।
■ कृषि एवं दिहाड़ी मजदूरों का पारिश्रमिक तय किया जाए।
■ संविदा/निविदा सफाई कर्मचारियों को ₹18,000 वेतन एवं नियमितीकरण।
■ 108/102 एंबुलेंस कर्मियों की बहाली।
■ संविदा/आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए स्पष्ट नियमावली बनाई जाए।
■ मिड-डे मील कर्मचारियों का मानदेय ₹10,000 किया जाए।
पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
■ पत्रकारों एवं श्रमजीवी पत्रकारों को सुरक्षा बीमा।
■ असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान किया जाए।
संगठन का कहना
जिला अध्यक्ष राम नरेश गुबरेले ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही कर्मचारियों और मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
जिला मंत्री राहुल मिश्रा ने कहा कि मजदूरों और कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक न्याय के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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