फाइलेरिया बीमारी से बचाएगी एक खुराक दवा

■ पीएसपी सदस्यों के प्राथमिक विद्यालय खुखुन्दु के शिक्षकों व बच्चों को फाइलेरिया के प्रति किया जागरूक*

■ फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा सेवन करने की दिलाई शपथ*

देवरिया, जिले के सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) ब्लॉक भलुअनी के आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुखुन्दु में मंगलवार को सीएचओ के नेतृत्व में एएनएम, आशा, प्राधन, अनगनबाड़ी, कोटेदार, फाइलेरिया मरीजों के सहयोग से पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म ) का गठन किया गया। पीएसपी के सभी सदस्यों ने फाइलेरिया बीमारी से बचाव लिए 10 अगस्त से चलने वाले एमडीए अभियान अधिक से अधिक लोगों को दवा का सेवन कराने के लिए जागरूकता गतिविधियों को कराने का संकल्प लिया। इसके साथ ही पीएसपी के सभी सदस्यों ने प्राथमिक विद्यालय खुखुन्दु के शिक्षकों व बच्चों को फाइलेरिया बीमारी की गंभीरता व बचाव के लिए जागरूक किया। उन्होंने बताया की फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाएगी एक खुराक दवा।
जिला मलेरिया अधिकारी सीपी मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत भलुअनी ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुखुन्दु में सीएचओ के नेतृत्व में पीएसपी का गठन किया गया है। जिसमे सीएचओ, एएनएम, ग्राम प्रधान, आशा, आँगनबाड़ी, फाइलेरिया, कोटेदार को सदस्य बनाया गया है। पीएसपी सदस्यों के सहयोग से समुदाय में होने वाली जागरूकता गतिविधियों के साथ वीएचएसएनडी सत्रों, आंगनबाड़ी केंन्द्रो पर फाइलेरिया बीमारी की गंभीरता, लक्षण और बचाव के प्रति जागरूकता गतिविधियां कराई जा रहीं हैं। इन गतिविधियों में सीएचओ, एएनएन, आशा द्वारा लोगों को बताया जाता जा रहा कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है। फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स मच्छर फाइलेरिया संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी स्वस्थ्य व्यक्ति को काटता है तो उसे भी संक्रमित कर देता। लेकिन संक्रमण के लक्षण पांच से 15 वर्ष में उभरकर सामने आते हैं। इससे या तो व्यक्ति को हाथ-पैर में सूजन की शिकायत होती है या फिर अंडकोष में सूजन आ जाती है। महिलाओं को स्तन के आकार में परिवर्तन हो सकता है। शुरूआत में रोग की पहचान होने पर इसे रोका जा सकता है। इस बीमारी से साल में एक बार लगातार 5 साल दवा के सेवन से बचा जा सकता है। 10 अगस्त से चलने वाले एमडीए अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता जब घर आकर दवा खिलाये तो दवा का सेवन जरूर करें।

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