श्री भक्तमाल जयंती उत्सव पर 25 अप्रैल से 29 अप्रैल तक
भक्तमाली श्रद्धेय श्री नवनीत प्रिय दास जी महाराज जी ने कहा कि अगर भक्त घर बैठे भी भाव से भक्त कथा को सुनता है ।
तो उसको यहां कथा स्थान पर आने जितना फल मिलता है ।
ठाकुर जी को नींद नहीं आती जब तक भक्तमाल की कथा नहीं सुनाई जाए
- आगे गुरु जी ने कहा कि भक्त माल कथा का कलयुग में बहुत महत्व है ।
जहां दूसरी कथा मोक्ष का ज्ञान देती है
- वही भक्तमाल कथा कलयुग में भक्ति का संदेश देती हैं
भगवान श्याम सुंदर तो भक्तों के बस में रहते है।
श्री भक्तमाल जयंती उत्सव पर 25 अप्रैल से 29 अप्रैल तक
संस्कार उपवन परिवार मुरादनगर द्वारा
भक्तमाल परम पूज्य श्रद्धेय श्री नवनीत प्रिय दास जी की कृपा से राहुल के मुखारविंद से
- स्थान: के एम इंटर कॉलेज ग्राउंड मुरादाबाद गाजियाबाद में आयोजित हो रही है।

ॐ भव्य तुलसी शोभायात्रा ॐ
कोई भी भक्तगण
जो भी भव्य तुलसी शोभायात्रा में सम्मिलित होना चाहते हैं
卐 वह भक्तगण संपर्क करें। 卐
- भावना गर्ग 9837363434
- ज्योति गोयल 8272822904
- खुशबू गोयल 9267223644
- मीनू गोयल 9756209094

ॐॐॐश्री भक्तमाल जयंती उत्सव के कार्यक्रम इस प्रकार हैं ॐॐॐ
■ 25 अप्रैल 2023 मंगलवार
- श्री तुलसी भव्य यात्रा। वस्त्र रंग:( हरा)
■ 26 अप्रैल बुधवार
- श्री सीताराम विवाह
वस्त्र रंग: वर पक्ष का पीला
वधु पक्ष लाल
■ 27 अप्रैल बृहस्पतिवार
- भव्य ब्रज रस महोत्सव
वस्त्र रंग गुलाबी
■ 28 अप्रैल शुक्रवार
- श्री सुंदरकांड पाठ
वस्त्र :रंग लाल
■ 29 अप्रैल शनिवार
- श्री जानकी जी का अभिषेक
वस्त्र रंग अपनी अपनी श्रद्धा अनुसार।
नोट: सभी सखियां अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी धारण करें उपरोक्त किसी के लिए भी अनिवार्य नहीं है।
卐 श्री भक्तमाल कथा 卐
भक्त माली श्रद्धेय श्री नवनीत प्रिय दास जी द्वारा
26 अप्रैल से 29 अप्रैल 2023 तक
- समय: शाम 4:00 से 6:00 तक चलेगी
श्री भक्तमाल कथा जिसमें आमंत्रित संत गण सूची निम्नवत है।
- पूज्य श्री राम कृपाल दास जी
- पूज्य श्री विवेकानंद जी
- पूज्य श्री पुंडरीक जी
- महाराज पूज्य श्री किशोरी शरण जी
- पूज्य श्री गोपेश बाबा
- पूज्य श्री इंद्रेश उपाध्याय जी
- ब्रजराज अनुरागी
- पूज्या पूर्णिमा दीदी
- परम पूज्य बाबा चित्र विचित्र जी
- पूज्य श्री अजय याग्निक जी
- पूज्य श्री नरेश भैया
- पूज्य श्री वरुण भैया जी
- पूज्या तुलसी दीदी जी
- श्री अंकित कृष्ण बटुक जी

सभी भक्त श्रद्धालु जन अधिक से अधिक संख्या में भव्य तुलसी शोभायात्रा में सम्मिलित होना चाहते हैं। उसके लिए शीघ्र संपर्क करें दिए हुए नंबरों पर
कबीर दास जी भगवान से ज्यादा भगवान के नाम को महत्व देते थे ।
कबीर दास जी का विश्वास था कि भगवान का नाम चाहे प्रेम पूर्वक लिया जाए चाहे बैर पूर्वक दोनों प्रकार से ही नाम लेने पर प्रभु जी कल्याण ही करते हैं
श्री राम नाम तो श्रीराम जी से भी बड़ा है यह बात श्री हनुमान जी ने श्रीराम के सम्मुख कह थी।




