फाइलेरिया मरीजों का सहारा बन रहा एमएमडीपी, बंजरिया में दिया गया विशेष प्रशिक्षण
📍 देवरिया से बड़ी खबर
फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पथरदेवा ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बंजरिया में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफॉर्म) के सहयोग से फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी (रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता निवारण) का प्रशिक्षण दिया गया।
👥 14 मरीजों को मिला लाभ
इस कार्यक्रम में 14 फाइलेरिया मरीजों को विशेष किट वितरित की गई, जिसमें साबुन, तौलिया, एंटीसेप्टिक सहित अन्य जरूरी सामग्री शामिल रही। मरीजों को घर पर ही घावों की देखभाल और साफ-सफाई के तरीके सिखाए गए।
🧑⚕️ डेमो के जरिए दी गई जानकारी
पीएसपी सदस्य एएनएम द्वारा प्रभावित अंग की सफाई का लाइव डेमो दिया गया। साथ ही मरीजों को नियमित व्यायाम और सूजन कम करने के उपाय बताए गए।
⚠️ बीमारी को लेकर चेतावनी
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अजय ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलती है। इसके लक्षण 5 से 15 वर्षों में सामने आते हैं, जिससे हाथ-पैर में सूजन (हाथीपांव) या अन्य शारीरिक बदलाव हो सकते हैं।
💊 बचाव ही सबसे बड़ा उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार, साल में एक बार लगातार 5 वर्षों तक दवा सेवन और नियमित साफ-सफाई से इस बीमारी से बचाव संभव है। समय पर देखभाल से इसके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
🤝 कार्यक्रम में रही सहभागिता
इस अवसर पर पीएसपी सदस्य, एएनएम सत्या, बीएचडब्ल्यू राकेश, सीफार के जिला प्रतिनिधि, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।






