चाइल्ड पोर्नोग्राफी सामग्री शेयर करने का आरोपी गिरफ्तार, साइबर थाना पुलिस ने भेजा न्यायिक अभिरक्षा में
■ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक फोटो-वीडियो साझा करने का आरोप, आईटी एक्ट व पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई
■ साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम की कार्रवाई, आरोपी उरई के इंदिरा नगर का निवासी
उरई, जालौन। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जालौन पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान उरई के इंदिरा नगर निवासी सोनू पुत्र राजू के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार के निर्देश पर साइबर अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। मामले में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा
पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 22/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 294 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(D), 67(A), 67(B) और पॉक्सो एक्ट की धारा 14(1)/15 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया है।
साइबर टीम ने की कार्रवाई
गिरफ्तारी की कार्रवाई साइबर थाना प्रभारी अनिल कुमार के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम में इंस्पेक्टर शिवप्रसाद दुबे, सब-इंस्पेक्टर आयुष गुप्ता सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस टीम ने उपलब्ध जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया।
नाबालिगों से संबंधित अश्लील सामग्री पर सख्त कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों से संबंधित अश्लील फोटो या वीडियो को बनाना, रखना, प्रसारित करना अथवा सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल माध्यमों पर साझा करना गंभीर अपराध है।
ऐसे मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
जालौन पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या नाबालिगों से संबंधित अश्लील सामग्री मिलने पर उसे आगे शेयर न करें। ऐसी सामग्री को प्रसारित करना भी कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। किसी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।





