घर की जिम्मेदारियों के साथ रंगोली कला में पहचान बना रहीं आशा प्रजापति
तीन प्रमुख बिंदु
■ रंगोली कला के हुनर से जालौन में बना रहीं अलग पहचान
■ सरकारी एवं सार्वजनिक आयोजनों में आकर्षक रंगोलियों से बढ़ा रहीं कार्यक्रमों की शोभा
■ विशाल कुशवाहा, सोनिया प्रजापति और वेद के साथ मिलकर कर रहीं रचनात्मक कार्य
जालौन। घर-परिवार की जिम्मेदारियों को संभालते हुए अपनी कला और रचनात्मक प्रतिभा को निरंतर आगे बढ़ाने वाली आशा प्रजापति आज रंगोली कला के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने में जुटी हैं। मोहल्ला तोपखाना निवासी आशा प्रजापति पुत्री श्री चन्द्रशेखर प्रजापति द्वारा विभिन्न अवसरों पर बनाई जाने वाली आकर्षक एवं कलात्मक रंगोलियां लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं। उनकी रंगोली देखने वाले लोग उनकी कला की सराहना करते हुए नजर आते हैं।
आशा प्रजापति के पिता श्री चन्द्रशेखर प्रजापति वन विभाग में वन रक्षक के पद पर कार्यरत रहे हैं, जबकि उनके पति जगपाल सिंह फोटो कॉपी की दुकान का संचालन करते हैं। पारिवारिक दायित्वों के बीच आशा प्रजापति ने अपने कला के हुनर को जीवंत रखा और धीरे-धीरे रंगोली निर्माण के क्षेत्र में अपनी पहचान कायम करने का प्रयास जारी रखा।
आशा प्रजापति के अनुसार, उन्हें विभिन्न कार्यक्रमों में रंगोली तैयार करने तथा मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के कार्यक्रमों एवं श्री महाराज जी के कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार से जुड़े कार्यों में भी अवसर मिलता है। कार्यक्रम के विषय और अवसर के अनुरूप वह रंगों एवं डिजाइनों के माध्यम से आकर्षक आकृतियां तैयार करती हैं।
बताया गया है कि आशा प्रजापति स्वामी मिश्रा जूनियर हाईस्कूल, खकसीस, ब्लॉक नदीगांव, जनपद जालौन में अध्यापिका हैं। शिक्षण कार्य के साथ कला के प्रति उनका लगाव उन्हें अलग पहचान दिलाने में मदद कर रहा है। विभिन्न आयोजनों में उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता रहता है।
इस रचनात्मक कार्य में आशा प्रजापति के साथ विशाल कुशवाहा, सोनिया प्रजापति और वेद भी सहयोग करते हैं। टीम के सामूहिक प्रयास से विभिन्न कार्यक्रमों में रंगोली निर्माण एवं प्रचार-प्रसार से जुड़े कार्यों को पूरा किया जाता है।
आशा प्रजापति का कहना है कि रंगोली केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि रंगों, कल्पना और भावनाओं को अभिव्यक्त करने वाली एक कला है। यही वजह है कि वह अपनी पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ इस कला को भी आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
क्षेत्र में आशा प्रजापति और उनकी टीम द्वारा तैयार की जाने वाली रंगोलियों की सराहना हो रही है। उनकी कला जहां आयोजनों की सुंदरता बढ़ाती है, वहीं यह मेहनत, लगन और रचनात्मकता के जरिए अपनी प्रतिभा को पहचान दिलाने की प्रेरणा भी देती है।





