अयोध्या मे श्रीरामलला प्राण-प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ 11 जनवरी को
द्वादशी महोत्सव के नाम से होगा कार्यक्रम ।
रिपोर्ट : विनय पचौरी
■ जाने आयोजन के बारे में
■11 से 13 जनवरी तक एक बार फिर से अयोध्या को धार्मिक अनुष्ठानों, वैदिक मंत्रों, भजन कीर्तन व हनुमान चालीसा के पाठ से शोधित किया जाएगा
■11 जनवरी को पौष शुक्ल द्वादशी के दिन रामलला का विशेष अभिषेक और आरती की जाएगी। यह पूजा दोपहर 12:20 बजे होगी
प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में प्रभु रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ इस बार 11 जनवरी को होगी वैसे तो पिछले वर्ष 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी।
हिंदू पांचांग के अनुसार, इस वर्ष द्वादशी तिथि 11 जनवरी को है। इसलिए, इसी दिन द्वादशी महोत्सव के नाम से कार्यक्रम का आयोजन होगा।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ को प्राण-प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव के नाम से भव्य रूप से मनाया जाएगा।
यह महोत्सव तीन दिनों तक चलेगा। इसका समापन 13 जनवरी को होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
रविवार को मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने तीन दिवसीय महोत्सव के विविध कार्यक्रमों व अनुष्ठानों की विस्तृत जानकारी।
उन्होंने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा के कार्यक्रम 5 स्थलों पर चलेंगे।
उन्होंने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जिन्हें बुलाया नहीं जा सका था उन्हें प्राण-प्रतिष्ठा द्वादशी महोत्सव में आमंत्रित किया जा रहा है।
वर्ष 2025 में जनवरी माह में पौष शुक्ल द्वादशी 11 जनवरी को है।
इसका दायित्व अखिल भारतीय धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी को सौंपा गया है।
यज्ञ मंडप के कार्यक्रम
■शुक्ल यजुर्वेद माध्यान्दिनी शाखा के 40 अध्यायों के 1975 मंत्रों से अग्नि देवता को आहुति प्रदान की जाएगी, 11 वैदिक मंत्रोच्चार करेंगे।
■होम देने का कार्य प्रातः काल 8 से 11 बजे तक और अपराह्न 2 से 5 बजे तक होगा।
■श्रीराम मंत्र का जप यज्ञ भी इसी कालखंड में दो सत्रों में होगा। छह लाख मंत्र जप किया जाएगा।
■रामरक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, पुरुष सूक्त, श्रीसूक्त, आदित्यहृदय स्तोत्र, अथर्वशीर्ष आदि के पारायण भी होंगे।
■दक्षिणी प्रार्थना मंडप: नित्य अपराह्न 3 से 5 बजे तक भगवान को राग सेवा प्रस्तुत की जाएगी।
■मंदिर प्रांगण: तीनों दिन सायंकाल 6 से 9 बजे रात्रि तक रामलला के सम्मुख बधाई गान होगा।
■यात्री सुविधा केंद्र: यात्री सुविधा केंद्र के प्रथम तल पर 3 दिवसीय संगीतमय मानस पाठ होगा।
अंगद टीला पर
अपराह्न 2 से 3:30 बजे तक रामकथा और अपराह्न 3:30 से 5 बजे तक प्रभु श्रीराम के जीवन पर प्रवचन होंगे।
तीनों दिन सायंकाल 5:30 से 7:30 बजे तक भिन्न-भिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
अंगद टीला के समस्त कार्यक्रमों में आमजन आमंत्रित है।
प्रतिष्ठा द्वादशी (11 जनवरी, 2025) को प्रातः काल से प्रसाद वितरण होगा।
चंपत राय ने बताया कि देश के ख्याति प्राप्त भजन गायक रामलला की स्तुति करेंगे। 11 से 13 जनवरी तक एक बार फिर से अयोध्या को धार्मिक अनुष्ठानों, वैदिक मंत्रों, भजन कीर्तन व हनुमान चालीसा के पाठ से शोधित किया जाएगा। 11 जनवरी को पौष शुक्ल द्वादशी के दिन रामलला का विशेष अभिषेक और आरती की जाएगी। यह पूजा दोपहर 12:20 बजे होगी, जो रामलला की प्रतिष्ठा के समय के अनुरूप है।
मंदिर परिसर में हर रात 6 से 9 बजे तक स्थानीय और प्रांतीय ख्याति प्राप्त गायकों द्वारा भजन-कीर्तन और बधाई गीत गाए जाएंगे। 11 से 13 जनवरी तक तीनों दिन अयोध्या को फिर से राममय किया जाएगा।
चंपत राय ने बताया कि 2025 के अंत तक परिसर में 18 और मंदिर बनकर तैयार हो जाएंगे। मंदिर के चारों ओर परकोटा इनमें राम दरबार, दक्षिण पश्चिम पर भगवान सूर्य, पश्चिम उत्तर में भगवती, उत्तर पूर्व में भगवान शंकर, पूर्व उत्तर में गणपति मंदिर, दक्षिण भुजा के बीच हनुमान जी के मंदिर तैयार हो जाएंगे।
उत्तरी भुजा के बीच में माता अन्नपूर्णा का मंदिर, शेष अवतार के रूप में लक्ष्मण मंदिर, महर्षि विश्वामित्र एवं वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि अगस्त को समर्पित मंदिर स्थापित होंगे। साथ ही माता शबरी, माता अहिल्या और तुलसीदास जैसे मंदिर शामिल हैं।
चंपत राय ने बताया कि 2024 में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अब तक 3 करोड़ श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
इसमें भारत के सभी राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा सदस्य, सहित भारतीय सेना के प्रमुख अधिकारी और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, बॉलिवुड के नामी सिने स्टार भी शामिल है।





