घुसपैठियों पर योगी सरकार का एक्शन प्लान: डिटेंशन सेंटर में पहुंचाने के बाद होगी सख्त मॉनिटरिंग, प्रशासन की टास्क लिस्ट तैयार

उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई अब और तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद प्रदेश पुलिस व प्रशासन ने ऐसे सभी संदिग्ध लोगों की विस्तृत निगरानी और पहचान सुनिश्चित करने के लिए नई टास्क लिस्ट तैयार की है।

डिटेंशन सेंटर के बाद क्या होगा?

प्रशासन घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटर भेजने के बाद उनका पूरा बायोमेट्रिक प्रोफाइल तैयार करेगा। इन नामों को एक ‘निगेटिव लिस्ट’ में दर्ज किया जाएगा, जिसे देशभर की एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा।
इसका उद्देश्य यह है कि ये लोग दोबारा देश में प्रवेश न कर सकें, और किसी भी रूप में आधार कार्ड, सरकारी योजनाओं में पंजीकरण या फर्जी पहचान पत्र न बनवा सकें।

डिटेंशन सेंटर की सुरक्षा होगी फुल-प्रूफ

डिटेंशन सेंटरों में ऐसी सुरक्षा व्यवस्था बनाई जा रही है कि बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति अंदर-बाहर नहीं आ सके।
फर्जी दस्तावेजों की पहचान के लिए कई स्तरों की जांच की जा रही है। साथ ही, पुलिस उन लोगों पर भी कार्रवाई कर रही है जिन्होंने घुसपैठियों के फर्जी दस्तावेज बनाए।

अधिकारियों के मुताबिक, निगेटिव लिस्ट तैयार करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बन गया है।

SIR सर्वे: लखनऊ के मोहनलालगंज में 1 लाख मतदाताओं की मैपिंग चुनौती

मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर फॉर्मेट की फीडिंग लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन अब एक लाख मतदाताओं की विस्तृत मैपिंग प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी है।
विशेषतौर पर 2003 के बाद शादी कर आई महिलाओं (बहुओं) के मायके का विवरण जुटाने में बीएलओ को कठिनाई हो रही है।

कुल मतदाता: 3.59 लाख

फीडेड SIR फॉर्म: 2.93 लाख

ASD सूची में शामिल मतदाता: 66 हजार

महापौर ने जागरूकता बढ़ाने के लिए पढ़ाया मुख्यमंत्री का संदेश

लखनऊ के आलमबाग चौराहे स्थित मार्केट में आयोजित जन-संपर्क कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल ने व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए जागरूकता संदेश (पाती) की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह संदेश घुसपैठियों पर कार्रवाई और जन-सुरक्षा अभियान को मजबूत करने के उद्देश्य से जनता तक पहुंचाया जा रहा है।

महापौर की महत्वपूर्ण बातें—

किसी व्यक्ति को घरेलू काम या व्यापार में रखने से पहले उसकी पहचान सत्यापित करें।

असामाजिक तत्वों को रोकने में नागरिकों की सतर्कता सबसे बड़ी शक्ति है।

हर व्यक्ति इस जन-जागरूकता अभियान का हिस्सा बने और मुख्यमंत्री का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाए।

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, व्यापारी और नागरिक मौजूद रहे।

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