Spread the love

जिला कारागार देवरिया में बंदियों के बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ दिलाने पर जोर

देवरिया। मुख्यालय कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर जिला कारागार देवरिया में निरुद्ध बंदियों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास एवं पोषण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) एवं स्पॉन्सरशिप योजना के माध्यम से पात्र बच्चों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अर्चना, जेल अधीक्षक श्री आशीष रंजन झा, डिप्टी जेलर श्रीमती गीता रानी, डिप्टी जेलर श्री ज्ञान प्रकाश पाल, संरक्षण अधिकारी श्री जय प्रकाश तिवारी, काउंसलर श्रीमती अर्चना गौड़ तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के सामाजिक कार्यकर्ता श्री राजेश यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी ने किया।

बंदियों को योजनाओं के लाभ और पात्रता की दी जानकारी

जेल अधीक्षक श्री आशीष रंजन झा ने बंदियों को उनके बच्चों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं और शासन के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया। उन्होंने पात्र बच्चों को योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास एवं पोषण के लिए उपलब्ध सहायता का लाभ उठाना महत्वपूर्ण है।

वहीं, संरक्षण अधिकारी श्री जय प्रकाश तिवारी ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) एवं स्पॉन्सरशिप योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र बच्चों के संरक्षक महिला कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट mbsyup.in के माध्यम से आवश्यक अभिलेखों के साथ ऑनलाइन पंजीकरण कराकर योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

बैंक खाते और शैक्षणिक अभिलेख जरूरी

कार्यक्रम में बताया गया कि 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए संरक्षक के साथ संयुक्त बैंक खाता तथा NPCI/DBT की सुविधा आवश्यक है। वहीं, 10 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए उनके व्यक्तिगत नाम से बैंक खाता होना और उसमें NPCI/DBT की सुविधा उपलब्ध होना अनिवार्य बताया गया।

इसके अतिरिक्त, पांच वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए विद्यालय से संबंधित शैक्षणिक अभिलेख प्रस्तुत करना आवश्यक है। इन अभिलेखों में बच्चे का नाम, कक्षा, शैक्षणिक सत्र और जन्मतिथि अंकित होनी चाहिए। पात्रता के अनुरूप आवश्यक दस्तावेज तैयार कर आवेदन करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

योजना का लाभ लेने की सचिव ने की अपील

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अर्चना ने बंदियों से अपील की कि वे अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए संबंधित योजनाओं का लाभ लेने हेतु आगे आएं। उन्होंने कहा कि पात्र बच्चों तक सरकारी सहायता पहुंचाने के लिए जागरूकता और सही प्रक्रिया की जानकारी जरूरी है।

उन्होंने यह भी बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी होने पर बंदी जेल अधीक्षक, जिला कारागार देवरिया अथवा जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों के बच्चों को सरकारी सहायता योजनाओं से जोड़कर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं समग्र विकास को प्रोत्साहित करना तथा पात्र परिवारों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाना रहा।

Share.