गोरखपुर से बड़ी खबर — स्वदेशी की राह पर आगे बढ़ता उत्तर प्रदेश
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि “अब भारत को किसी दूसरे देश पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं है। जो काम पहले बाहर होते थे, वो अब हमारे अपने उद्योग और शिल्पकार कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ साल पहले तक लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियाँ विदेश से आती थीं, लेकिन अब गोरखपुर के कारीगर अपनी मिट्टी से इन्हें बना रहे हैं। ये वही टेराकोटा कला है, जिसे अब जीआई टैग भी मिल चुका है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब इलेक्ट्रॉनिक निर्माण का बड़ा केंद्र बन चुका है। राज्य में हाईवे, एयरवे और इनलैंड वाटरवे जैसी सुविधाओं ने उद्योग जगत के लिए नए अवसर खोले हैं।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले जहाँ राज्य में सिर्फ दो एयरपोर्ट थे, वहीं आज 16 एयरपोर्ट सक्रिय हैं, और जेवर में देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तैयार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश अब पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है — राज्य में जल्द ही इलेक्ट्रिक बस निर्माण शुरू होगा, जिससे रोजगार और हरियाली दोनों बढ़ेंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को ऋण वितरित किया और वस्त्र नीति के अंतर्गत उद्योगपतियों को इंसेंटिव प्रदान किए।
उन्होंने कहा — “हर व्यक्ति जब स्वदेशी उत्पाद खरीदेगा, तभी हमारे कारीगरों का परिश्रम सम्मान पाएगा। जो भी उपहार दें, स्वदेशी दें — यही सच्चा राष्ट्र सेवा है।”
कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान, सांसद रवि किशन शुक्ल, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






