जालौन नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर भव्य पद संचलन निकाला गया
जालौन नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नगर की विभिन्न बस्तियों में राष्ट्र निर्माण की अखंड यात्रा के रूप में भव्य पद संचलन (पथ संचलन) आयोजित किया गया।
संघ के स्वयंसेवकों ने अनुशासित पंक्तियों में चलकर समाज में संगठन, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
✳️ संघ के 100 वर्ष – एक गौरवशाली यात्रा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में हुई थी।
6 अक्टूबर 2025 से संघ अपना जन्म शताब्दी वर्ष (100वां वर्ष) मना रहा है, जिसके अंतर्गत देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
संघ ने पिछले 100 वर्षों में राष्ट्र निर्माण, सेवा कार्य, शिक्षा, समाज सुधार, आपदा राहत और सांस्कृतिक जागरण में अभूतपूर्व योगदान दिया है।
✳️ नगर की इन बस्तियों में हुआ संचलन
✅ गोपाल बस्ती
✅ विवेकानंद बस्ती
✅ बजरंग बस्ती
✅ बालाजी बस्ती
✅ अंबेडकर बस्ती
✅ केशव बस्ती
स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश (गडबेशधारी वेशभूषा) में अनुशासित ढंग से संचलन किया।
✳️ जनता का अद्भुत उत्साह
संचलन के दौरान नगर की जनता ने सड़कों के दोनों ओर खड़े होकर पुष्पवर्षा की।
कई स्थानों पर लोगों ने तिलक कर स्वागत किया।
पूर्ण वेशभूषा में स्वयंसेवकों को देखकर लोग आश्चर्यचकित और गौरवान्वित महसूस कर रहे थे।
✳️ संघ के 100 वर्ष का महत्व
👉 संघ ने देश में राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ किया
👉 सेवा कार्यों के माध्यम से लाखों लोगों को सहयोग प्रदान किया
👉 देशभर में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ाया
👉 आज संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बन चुका है
रिपोर्ट – महेश चौधरी, जालौन






