यूपी में कोडीन सिरप रैकेट का विस्तार—विभागीय मिलीभगत उजागर, पाँच अफसरों पर जल्द गिरेगी गाज
▪︎ यूपी में कोडीन सिरप की अवैध सप्लाई पर चली कार्रवाई अब विभागीय अधिकारियों तक पहुँच चुकी है।
▪︎शुरुआती जांच में कई अफसरों की भूमिका संदिग्ध सामने आने पर पाँच सहायक आयुक्त और कई औषधि निरीक्षक निगरानी में लिए गए।
▪︎एफएसडीए जल्द ही इन अफसरों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगने की तैयारी में है।
▪︎लखनऊ से शुरू हुई जांच के बाद कानपुर में भारी मात्रा में कफ सिरप बरामद हुआ, जिसके बाद स्थानीय सहायक आयुक्त व निरीक्षक को तुरंत पद से हटाया गया।
▪︎वाराणसी और आगरा में तैनात रहे दो अन्य सहायक आयुक्तों की कार्यशैली पर भी विभाग को आपत्तिजनक तथ्य मिले हैं।
▪︎सीमा से जुड़े जिलों—चंदौली, गाजीपुर, सोनभद्र, भदोही, बलिया, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, चित्रकूट और ललितपुर—में कार्यरत औषधि निरीक्षकों की गतिविधियों की भी अलग से समीक्षा चल रही है।
ने▪︎पाल और बांग्लादेश तक सिरप पहुँचने के संकेत मिलने के बाद बॉर्डर जिलों में तैनात अधिकारियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
ए▪︎सआईटी ने कोलकाता से निशांत फार्मा के प्रतीक मिश्रा और विश्वनाथ मेडिकल एजेंसी के विशाल सोनकर को हिरासत में लिया।
▪︎आरोपियों ने झारखंड की शैली ट्रेडर्स से लगभग 15 करोड़ के 10 लाख कफ सिरप की खरीद की थी, जबकि बिक्री का कोई वैध रिकॉर्ड नहीं मिला।
▪︎बैंक खातों में बड़े लेनदेन होने से इन फर्मों पर मनी ट्रेल की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
▪︎शुभम जायसवाल के नेटवर्क से जुड़े तुषार अग्रवाल, मनोज यादव, नीरज सिंह सहित कई लोग पुलिस के रडार पर हैं और लगातार दबिश जारी है।
▪︎अब तक 38 मेडिकल फर्मों पर FIR दर्ज की जा चुकी है तथा कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ रहा है।






