सीएम योगी की कड़ी चेतावनी के बावजूद गाजियाबाद में ढीला पड़ा SIR अभियान, भाजपा की सक्रियता पर उठे सवाल
गाजियाबाद/साहिबाबाद। उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर सरकार जिस तेजी की उम्मीद कर रही है, वह गाजियाबाद में बिल्कुल दिखाई नहीं दे रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीधी नाराजगी और लगातार निर्देशों के बाद भी भाजपा का संगठन अभियान को गति नहीं दे पा रहा है। नतीजा यह है कि मतदाता जागरूकता बेहद कमजोर पड़ गई है और फॉर्म भरने की रफ्तार तय लक्ष्यों से काफी नीचे है।
सीएम की दो टूक चेतावनी भी नहीं लाई तेजी
पिछले एक सप्ताह से सीएम योगी खुद गाजियाबाद के जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों से लगातार मीटिंग कर रहे हैं।
3 दिसंबर को पश्चिमी यूपी के सभी सांसदों, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा
6 दिसंबर को भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष की फटकार भरी बैठक
मेरठ मंडल की समीक्षा के लिए प्रस्तावित बैठक
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का औचक निरीक्षण
इसके बावजूद गाजियाबाद की परिस्थितियों में बड़ा बदलाव नजर नहीं आया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि कार्यकर्ता लोगों के बीच जाएं, फॉर्म भरवाएं और समस्या होने पर मदद उपलब्ध कराएं, लेकिन जमीनी स्तर पर सक्रियता उम्मीद से बहुत कम है।
SIR अभियान में बेहद धीमी प्रगति
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बावजूद
👉 सिर्फ 7 दिनों में 5.25% डिजिटाइजेशन ही पूरा हो सका।
यह आंकड़ा प्रदेश में गाजियाबाद को पिछड़ों में शामिल कर रहा है।
सियासत और निजी कार्यक्रमों में उलझे रहे कार्यकर्ता
सीएम के सख्त निर्देश के बाद उम्मीद थी कि भाजपा पदाधिकारी मैदान में उतरेंगे, लेकिन हालात उलटे हो गए।
10 दिसंबर को भाजपा महानगर अध्यक्ष का भव्य जन्मदिन समारोह
पूरा दिन बधाइयों, मुलाकातों और सोशल मीडिया पोस्ट में व्यस्त कार्यकर्ता
प्रभारी मंत्री भी समीक्षा बैठक छोड़कर बधाई देने पहुंच गए
एक पूरे दिन का काम बाधित
पद पाने की उम्मीद में कई कार्यकर्ताओं ने भी आवास पर पहुंचकर नज़दीकी बढ़ाने की कोशिश की, जिससे अभियान की रफ्तार और नीचे चली गई
संगठन में खींचतान का असर मैदान पर
गाजियाबाद महानगर टीम की घोषणा अभी लंबित है। पदों की उम्मीद में नेताओं की गतिविधियां संगठन के काम से ज्यादा व्यक्तिगत समीकरण साधने में लगी रहीं।
रात से लेकर दिनभर महानगर अध्यक्ष के आवास पर ढोल-नगाड़ों के साथ भीड़ जुटी रही, जिससे काम पर असर पड़ा
संगठन का दावा—कार्यकर्ता कर रहे हैं प्रयास
भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया ने कहा—
> “कार्यकर्ता घर-घर जाकर फॉर्म भरवा रहे हैं। किसी को परेशानी होती है तो पूरी मदद दी जा रही है। मतदाता भी अपने प्रपत्र समय पर जमा करें।”
हालांकि जमीनी स्थिति बता रही है कि प्रयास अपेक्षा के मुकाबले बेहद कम हैं।
निष्कर्ष
सीएम योगी आदित्यनाथ SIR अभियान को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और बार-बार स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि
सूची में असली मतदाता छूटें नहीं
फर्जी नाम शामिल न रहें
कार्यकर्ता शादी-समारोहों से दूर रहकर जनता के बीच जाएंफिर भी गाजियाबाद में अभियान का बेपटरी रहना प्रशासनिक और संगठनात्मक दोनों ही स्तरों पर बड़ी चुनौती बन गया है।





