पुराने शहर में बसंतकुंज योजना का भव्य ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ तैयार, 25 दिसंबर को पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण
पुराने शहर में एलडीए द्वारा विकसित बसंतकुंज योजना के भीतर 65 एकड़ में बना राष्ट्र प्रेरणा स्थल पूरी तरह आकार ले चुका है। ऊपर से कमल के फूल जैसी दिखाई देने वाली इस अनोखी संरचना पर इन दिनों अंतिम फिनिशिंग चल रही है।
यह विशाल परिसर 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लोकार्पित किया जाएगा, जिसके बाद यह क्षेत्र एक बड़े आयोजन स्थल और शहरवासियों के लिए नए मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित हो जाएगा।
65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं बनेंगी केंद्र का आकर्षण
प्रेरणा स्थल में अटल बिहारी वाजपेयी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विशालकाय प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
ऊंचाई: 65 फीट
निर्माण लागत: 21 करोड़ रुपये
तैयार करने वाले कलाकार: रामसुतार और माटूराम, जिन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी बनाया था।
प्रतिमाओं को रात में अलग-अलग रंगों की रोशनी के जरिए विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
दीये की आकृति वाला आधुनिक म्यूजियम
परिसर का म्यूजियम ब्लॉक लगभग 6300 वर्गमीटर क्षेत्र में बना है, जिसमें आधुनिक तकनीक से
पांच थीम आधारित गैलरी
स्टोन म्यूरल्स
डिजिटल पैनल पर लाइव ऑडियो-वीडियो शो
वीवीआईपी और सामान्य आगंतुकों के लिए अलग-अलग प्रवेश मार्ग
विकसित किए गए हैं। म्यूजियम को सजाने-संवारने का अंतिम चरण जारी है और इसे 15 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।
परिसर की विशेष सुविधाएं
प्रेरणा स्थल का पूर्ण निर्माण दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था।
ग्वालियर के मार्बल का प्रमुख उपयोग किया गया।
राजधानी का सबसे बड़ा और सबसे ऊंचा स्थायी मंच तैयार।
मंच तक पहुंचने के लिए आधुनिक हाइड्रोलिक सिस्टम लगाया गया है।
मंच के पीछे वीवीआईपी और वीआईपी के लिए सुरक्षा मानकों के अनुरूप सेफ हाउस भी बने हैं।
परिसर ग्रीन कॉरिडोर से जुड़ा है, जिससे आवाजाही बेहद आसान होगी।
बड़े आयोजनों के लिए विशाल क्षमता
3000 दर्शकों के लिए एम्फीथिएटर
2 लाख लोगों की क्षमता वाला मैदान
परिसर के अंदर 3 हैलीपैड
कुल निर्माण लागत: 232 करोड़ रुपये
एलडीए के मुख्य अभियंता नवनीत शर्मा के अनुसार, प्रेरणा स्थल का मुख्य निर्माण कार्य पूरा है और म्यूजियम फिनिशिंग के अंतिम चरण में है। 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री द्वारा इसका लोकार्पण प्रस्तावित है।





