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बाढ़ का पानी पहुंचने से पहले प्रशासन पहुंचा मैदान में, डीएम राजेश कुमार पांडेय का जमीनी एक्शन प्लान!

ग्राम पहाड़गांव कमतरी मार्ग संकट में कभी कट सकती है यहां रोड ।

यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर से संभावित बाढ़ की गंभीरता को भांपते हुए जालौन का प्रशासन पहले ही अलर्ट मोड पर आ गया है। ज़िलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय, पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार व एडीएम संजय कुमार ने माधौगढ़ तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लिया।

डीएम ने नरोल, निनावली जैसे संवेदनशील गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद किया और हर जरूरी सहायता का भरोसा दिलाया। निरीक्षण के दौरान रामपुरा स्थित आईटीआई में संचालित राहत केंद्र का भी भ्रमण किया गया, जहां उन्होंने भोजन, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा इंतजामों की गंभीरता से समीक्षा की।

यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है  107.820 मीटर रिकॉर्ड किया गया है, जबकि खतरे का स्तर 108 मीटर है। इसके बावजूद प्रशासन की तत्परता से अब तक किसी भी तरह की जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है।

अब तक 11 गांवों के 1150 लोग प्रशासनिक मदद के दायरे में लाए जा चुके हैं। 16 राहत केंद्र सक्रिय हैं, जहां ठहरने, भोजन, चिकित्सा और स्वच्छता की पूरी व्यवस्था है। पशुओं के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।

राहत कार्यों में क्या-क्या तैनात है?

36 छोटी नावें

16 बड़ी नावें

20 मोटरबोट

एसडीआरएफ की टीम

सतत निगरानी के लिए सक्रिय बाढ़ चौकियां

डीएम राजेश कुमार पांडेय ने साफ कहा है – “स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है, प्रशासन पूरी तरह से तैयार है, घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है।”

इस संकट में प्रशासन का सक्रिय रोल सराहनीय है।
फोकस न्यूज़ 24×7 की टीम आपको हर अपडेट देती रहेगी। जुड़े रहिए।

ब्रेकिंग न्यूज ग्राम पहाड़गांव कमतरी मार्ग संकट में

■ बाढ़ से बर्बादी, फसलें नष्ट, सड़कें जलमग्न, कमतरी पुल खतरे में! कभी भी पूरी रोड कट सकती है

वही जालौन जनपद के पहाड़गांव कमतरी में हालात गंभीर होते जा रहे हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर ने पूरे गांव को संकट में डाल दिया है। खेतों में खड़ी सारी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। ग्रामीणों की मेहनत और पूरे साल की आजीविका पर पानी फिर गया है।

गांव की सड़कों पर इस समय पानी बह रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। कई जगहों पर पुलों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है कभी भी ध्वस्त हो सकते हैं।

सबसे बड़ी परेशानी है निकासी तंत्र की कमी। जलभराव की वजह से पूरे गांव में गंदगी फैल रही है और महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। कमतरी जाने वाली सड़कें टूट चुकी हैं, जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि
राहत व बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जाए। क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत हो। फसलों के नुकसान का सर्वे कर मुआवजा दिया जाए।
जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।

डीएम राजेश कुमार पांडेय ने साफ कहा है स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है, प्रशासन पूरी तरह से तैयार है, घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है।

इस संकट में प्रशासन का सक्रिय रोल सराहनीय है।
फोकस न्यूज़ 24×7 की टीम आपको हर अपडेट देती रहेगी। जुड़े रहिए।

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