जल निगम, सिंचाई, लघु सिंचाई और बाढ़ परियोजनाओं की डीएम ने की समीक्षा
■ लापरवाही पर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने के दिए निर्देश
■ जनहित की परियोजनाएं समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ करें पूरी, शिथिलता पर होगी कार्रवाई: डीएम
देवरिया, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जल निगम, विद्युत, सिंचाई, बाढ़ एवं नलकूप विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान नगर पालिका क्षेत्र में निर्माणाधीन नाले में बाधा उत्पन्न कर रहे विद्युत पोल का शिफ्टिंग का कार्य समय पर पूर्ण न होने पर उन्होंने अधिशासी अभियंता, विद्युत (सदर) से स्पष्टीकरण तलब करते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जल निगम (ग्रामीण एवं नगरीय), नलकूप, सिंचाई तथा बाढ़ विभाग की सभी निर्माण परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जल निगम (ग्रामीण) की परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि का चयन कर उपजिलाधिकारियों को तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए सलेमपुर में 8, सदर में 15, रुद्रपुर में 3, बरहज में 2 तथा भाटपाररानी में 1 स्थान पर भूमि की आवश्यकता है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को भूमि उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया।
उन्होंने जल निगम (ग्रामीण एवं नगरीय) को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कर उसका विवरण प्रस्तुत करने तथा अधिशासी अभियंता (जल निगम-नगरीय) को पेयजल पाइपलाइन की जांच कर अंतिम छोर तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने रजवाहों की सफाई, अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने तथा कार्यों के फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं बाढ़ विभाग को सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं समय से पूर्ण करने, उपजिलाधिकारियों को कानूनगो के माध्यम से कार्यों का स्थलीय सत्यापन कराने तथा बाढ़ शिविरों के लिए विद्यालयों की सूची, प्रधानाचार्यों के मोबाइल नंबर सहित तैयार रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत सामग्री एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता प्रत्येक दशा में सुनिश्चित रहे, ताकि आकस्मिक स्थिति में किसी प्रकार की कमी न हो। नलकूप विभाग को भी सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि लघु सिंचाई योजनाओं से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जाए तथा निःशुल्क बोरिंग की सुविधा प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए रूफ वाटर हार्वेस्टिंग को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़ी सभी परियोजनाएं समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से पूरी हों। किसी भी स्तर पर शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी वीके सिंह, अधिशासी अभियंता (बाढ़), सिंचाई, नलकूप, लघु सिंचाई, जल निगम (ग्रामीण एवं नगरीय), विद्युत विभाग सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





