गोरखपुर–देवरिया कछार में राप्ती नदी पर नया पुल, 72 करोड़ की परियोजना देगी 1.5 लाख लोगों को राहत — दूरी 15 किमी कम, पीपा पुल की परेशानी खत्म
गोरखपुर और देवरिया के कछार क्षेत्र के निवासियों की वर्षों पुरानी मांग आखिर पूरी होने की दिशा में बढ़ चुकी है। बैरियाखास में राप्ती नदी पर 72 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी पुल का निर्माण शुरू हो गया है। यह पुल दोनों जिलों के बीच आवागमन को सुगम बनाने के साथ ही क्षेत्र के विकास में नई गति देगा।
✔ बारिश में नाव पर निर्भरता खत्म
हर साल बारिश शुरू होते ही पीपा पुल खोल दिए जाने के कारण यहां के गांवों को नदी पार करने के लिए छोटी नावों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब प्रस्तावित पुल बनने के बाद:
नाव की मजबूरी खत्म होगी
मानसून में भी सुचारु आवाजाही संभव होगी
स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचना आसान हो जाएगा
✔ पुल से जुड़ेगा कछार का बड़ा इलाका
नया पुल देवरिया के बरांव गांव से सीधा संपर्क जोड़ देगा। इसके बनने से कछार के दर्जनों गांवों को:
बेहतर सड़क संपर्क
बाजारों तक तेज पहुंच
कृषि उपज की आसान ढुलाई
मिलेगी, जिससे लगभग डेढ़ लाख की आबादी को सीधा लाभ पहुंचेगा।
✔ 15 किलोमीटर की यात्रा होगी कम
वर्तमान में बड़हलगंज से देवरिया जाने के लिए बरहज–कपरवार मार्ग से 51 किमी की यात्रा करनी पड़ती है।
बैरियाखास पुल तैयार होने पर यह दूरी घटकर 36 किमी रह जाएगी। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
✔ दो वर्ष की समयसीमा, दिसंबर 2027 तक पूरा होगा काम
सेतु निगम को परियोजना के लिए 10.75 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है।
साइट पर:
मशीनरी तैनाती
एलाइनमेंट
मिट्टी कार्य
जैसे प्रारंभिक कार्य तेजी से चल रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पुल और दोनों ओर के पहुंच मार्ग (एप्रोच रोड) दिसंबर 2027 तक तैयार किए जाएंगे।
✔ पीपा पुल की समस्या अब बीते दिनों की बात
अक्टूबर में लगने वाला पीपा पुल हर साल मई–जून में नदी का जलस्तर बढ़ते ही हटा लिया जाता है। ऐसे समय में ग्रामीणों को:
मोटरसाइकिल या साइकिल ले जाने का साधन नहीं मिलता
नाव से पार उतरकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता
अतिरिक्त किराया और समय दोनों खर्च होता है
स्थायी पुल के बाद यह पूरी समस्या खत्म होने वाली है।
✔ अधिकारियों का कहना
सेतु निगम के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार के अनुसार,
“कार्य की गति संतोषजनक है। साइट मोबिलाइजेशन और एलाइनमेंट पूरा होते ही मुख्य संरचना का निर्माण शुरू होगा। यह पुल कछार क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।”






