कलियुग में ईश्वर स्मरण ही जीवन का सच्चा उद्धारक : हरिओम थापक
रिपोर्ट – ओमप्रकाश उदैनियां राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, ऑल इंडिया पत्रकार एकता संघ
जालौन (उरई/कोंच)। कोंच नगर में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। भजन गायक, श्रेष्ठ संगीतज्ञ एवं समाजसेवी पं. विनोद पाण्डेय के संयोजन में चल रही इस भव्य कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा रस का आनंद ले रहे हैं।
कथा के दौरान झांसी से पधारे प्रख्यात कथावाचक पं. हरिओम थापक ने अपने ओजस्वी एवं मार्मिक प्रवचनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जब वृंदावन, अयोध्या या चित्रकूट धाम जैसे तीर्थ स्थलों की यात्रा करता है, तो वह कई दिनों पहले से तैयारी में जुट जाता है, लेकिन जिस परलोक की यात्रा एक दिन सभी को करनी है, उसकी तैयारी के प्रति लोग उदासीन रहते हैं।
उन्होंने समझाया कि परलोक की यात्रा के लिए किसी बाजार या बाहरी साधनों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि ईश्वर भजन, नाम स्मरण और परमात्मा की आराधना ही उसके लिए सबसे बड़ा साधन है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि “कलियुग में ईश्वर का स्मरण ही जीवन का सच्चा उद्धारक है।”
इस धार्मिक आयोजन में पं. विनोद पाण्डेय एवं श्रीमती अर्चना पाण्डेय यजमान परीक्षित के रूप में कथा श्रवण कर रहे हैं। वहीं आयोजन की व्यवस्थाओं में आनन्द पाण्डेय, आदित्य पाण्डेय एवं रविकांत द्विवेदी (पत्रकार) सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान दरिद्र नारायण सेवा समिति के संयोजक कढोरे लाल यादव, कथावाचक पं. ओमप्रकाश थापक, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य बृजबल्लभ सिंह सेंगर, सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी आनन्द दुबे, गल्ला व्यापारी कैलाश मिश्रा, पूर्व प्रधानाचार्य प्रताप नारायण निरंजन सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी एवं कलाप्रेमी जन उपस्थित रहे।
कथा स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना हुआ है, जहां श्रद्धालु कथा के माध्यम से जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझने के साथ-साथ आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर रहे हैं।






