जेवर में ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ का उद्घाटन, तेज़ और आधुनिक यात्रा का नया दौर शुरू

जेवर/नोएडा, उत्तर प्रदेश। देश की एविएशन सेक्टर में बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के शुरू होने के साथ ही उत्तर भारत में हवाई यात्रा को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
एयरपोर्ट के पहले फेज में करीब 3300 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक टर्मिनल और रनवे तैयार किया गया है। इसकी सालाना क्षमता लगभग 3 करोड़ यात्रियों को संभालने की बताई जा रही है। इस चरण के निर्माण पर करीब 11 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
20 मिनट में बोर्डिंग का दावा
इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज़ और सुविधाजनक प्रक्रिया मानी जा रही है। डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि यात्री एंट्री से लेकर बोर्डिंग गेट तक 20 मिनट से भी कम समय में पहुंच सकें। सुरक्षा जांच के बाद छोटा और सुव्यवस्थित कॉरिडोर इस प्रक्रिया को और आसान बनाएगा।
एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट की दिशा में कदम
पूरी परियोजना को करीब 52 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया जाना है। सभी चरण पूरे होने के बाद यह एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो जाएगा। फिलहाल यह रिकॉर्ड बीजिंग डैक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम है।
जल्द शुरू होंगी उड़ानें
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, यहां से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन जल्द शुरू होने की संभावना है। प्रारंभिक चरण में IndiGo, Air India Express और Akasa Air जैसी एयरलाइंस के साथ समझौता किया गया है। यात्रियों के लिए चेक-इन काउंटर और बैगेज ड्रॉप की सुविधाएं भी तैयार कर ली गई हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस
एयरपोर्ट का डिपार्चर एरिया अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है, जहां यात्रियों को तेज़, सरल और आरामदायक अनुभव देने पर जोर दिया गया है। भविष्य में इसके विस्तार के साथ यात्री क्षमता और सुविधाओं में और बढ़ोतरी की जाएगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास उत्तर प्रदेश को वैश्विक कनेक्टिविटी देने के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी नई गति देगा।

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