इसरो की वैज्ञानिक एन वलरमती का हार्ट अटैक से निधन
पिछले दो सप्ताह से पूरा देश ISRO को अंतरिक्ष में मिली कामयाबी का जश्न मना रहा था। पहले चंद्रयान-3 मिशन को दक्षिणी ध्रुव पर मिली सफलता और फिर आदित्य एल1 की सफल लॉन्चिंग। लेकिन इसी बीच इसरो से एक दुखद खबर आई है। इसरो की वैज्ञानिक एन वलरमती का हार्ट अटैक से निधन हो गया। रॉकेट लॉन्चिंग के लिए काउंटडाउन का जिम्मा एन वलरमति ही संभालती थीं। चंद्रयान- 3 की लॉन्चिंग के लिए भी काउंटडाउन इन्होनें ही किया था। मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ख़राब चल रही थी। उनका इलाज किया जा रहा था, लेकिन हार्ट अटैक की वजह से उनका निधन हो गया।
स्पेस से आदित्य-L1 पर आया बड़ा अपडेट, ISRO ने दी सेहत की जानकारी
इसरो ने X (ट्वीट) करके जानकारी दी, आदित्य-L1 ठीक से काम कर रहा है और उसने अपनी कक्षा बदल ली है. भारत की ओर से अंतरिक्ष में भेजे गए पहले सूर्य मिशन आदित्य-एल1 की कक्षा बदलाव की अगली प्रक्रिया पांच सितंबर 2023 को होनी है. इस दौरान भारतीय समयानुसार देर रात लगभग तीन बज रहे होंगे.
आदित्य-L1 ठीक से काम कर रहा है और उसने अपनी कक्षा बदल ली है. भारत की ओर से अंतरिक्ष में भेजे गए पहले सूर्य मिशन आदित्य-एल1 की कक्षा बदलाव की अगली प्रक्रिया पांच सितंबर 2023 को होनी है. इस दौरान भारतीय समयानुसार देर रात लगभग तीन बज रहे होंगे. आदित्य एल-1 235 x 19500 किलोमीटर की कक्षा से निकलकर 245km x 22459 km की कक्षा में पहुंच चुका है।
आदित्य एल-1 की यह पहली बड़ी सफलता है और इसके सूरज की ओर पहला पग बढ़ाना भी कहा जा रहा है।
राष्ट्रीय मौसम सेवा के अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान केंद्र (एसडब्ल्यूपीसी) के मुताबिक सूरज पर एक बड़ा विस्फोट हुआ था, जिससे सौर तूफान उठा। ये तूफान 3 सितंबर (रविवार) को पृथ्वी से टकराया। दुनिया के कुछ चुनिंदा हिस्सों में इसका प्रभाव देखने को मिला।
वहीं अंतरिक्ष में बहुत ज्यादा ठंड रहती है। इसके अलावा सौर तूफान का भी खतरा रहता है। ऐसे में आदित्य एल1 को कुछ खास धातुओं से बनाया गया है, जिससे उस पर दोनों चीजों का कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि इस धातु के बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।





