जुनैद सुतानी और सुल्तान नाजा की ग़ज़लों से गूंजा उरई।
■ उरई में वेरी वाले बाबा पर आयोजित हुआ भव्य धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम
उरई (जालौन) – उरई के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल वेरी वाले बाबा पर एक भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर हजारो श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र हवन-पूजन और भजन-कीर्तन के साथ हुई, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने भक्ति गीतों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। बाबा की पूजा अर्चना के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आपको बता दे कि हज़रत बेरी वाले बाबा के 85वें सालाना उर्स मुबारक का आयोजन 1 जून 2025 से शुरू हुआ। यह दो दिवसीय कार्यक्रम 3 जून को समाप्त हुआ, जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
उर्स की शुरुआत चादरपोशी की रस्म से हुई, जिसके बाद महफ़िल-ए-समा का आयोजन किया गया। इसमें हाफिज इमरान फैज़ी ने कुरआन की तिलावत की।
कार्यक्रम की रातों में प्रसिद्ध कव्वालों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें छोटी तमन्ना (कोल्हापुर), उमर दराज़ (सहारनपुर), फैज़ान रज़ा अजमेरी और अनीस नवाब (मुंबई) शामिल थे।
इस बार के उर्स में ग़ज़ल गायकों जुनैद सुल्तानी (दिल्ली) और सुल्तान नाज़ा पूना की प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण रहीं।
उनकी ग़ज़लों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
बेरी वाले बाबा का उर्स हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक माना जाता है। इस आयोजन में सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर भाग लिया, जिससे सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश प्रसारित हुआ
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक जुनैद सुतानी (दिल्ली) और सुल्तान नाजा पूना, जिन्होंने अपनी शानदार ग़ज़लों से समां बांध दिया। उनकी मधुर और भावुक प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया और देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लिया।
ग़ज़ल प्रस्तुतियों में मोहब्बत, सूफियाना अंदाज़ और सामाजिक संदेशों से भरी रचनाएं शामिल रहीं, जिनमें “तेरी आवाज़ की खुशबू”, “दिल की ज़ुबां से निकली दुआ”, और “इश्क़ में क्या हदें होती हैं” जैसी रचनाएं बेहद पसंद की गईं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में वेरी वाले बाबा सेवा समिति और स्थानीय युवाओं ने अहम भूमिका निभाई। सुरक्षा, साफ़-सफ़ाई, जल सेवा और यातायात की उत्तम व्यवस्था की गई थी।
आयोजकों ने बताया कि आने वाले वर्षों में भी इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन और अधिक भव्य रूप में किया जाएगा।





