कोहरे की चादर में जली ज़िंदगियां: यमुना एक्सप्रेसवे पर आधी रात का भयावह मंजर

मथुरा। मंगलवार की रात यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरे ने ऐसा कहर बरपाया कि कुछ ही मिनटों में सफर मातम में बदल गया। रात करीब दो बजे आगरा से नोएडा की ओर बढ़ रहे वाहनों की रफ्तार घने कोहरे के आगे बेबस हो गई। देखते ही देखते 8 बसें और 3 कारें आपस में भिड़ गईं। टक्कर के बाद उठी आग की लपटों ने पूरे इलाके को दहला दिया।

हादसा थाना बलदेव क्षेत्र के गांव खडे़हरा के पास माइल स्टोन 127 के निकट हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई वाहन आग का गोला बन गए। इस दर्दनाक दुर्घटना में 4 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दृश्यता लगभग शून्य थी। अचानक ब्रेक लगे और पीछे से आते वाहन एक-दूसरे में समा गए। कई यात्री बसों से कूदकर जान बचाने में सफल रहे, लेकिन कुछ लोग आग की चपेट में फंस गए। स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद राहत-बचाव कार्य शुरू हुआ।

घटना की जानकारी मिलते ही मथुरा के एसएसपी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं, जबकि फंसे यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था की गई।

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि हादसे में 5 बसें और 2 कारें मुख्य रूप से शामिल रहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर शोक जताते हुए इसे “अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक” बताया।

कोहरे की चेतावनी बरकरार
मौसम विभाग के अनुसार 17 दिसंबर को भी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें, धीमी गति से चलें और आवश्यक होने पर यात्रा टालें।

यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि कोहरे में जरा-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

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