मदिर के मंहत ने कहा कि चित्रकूट का यह मंदिर भाई-भाई का प्रेम देखकर पिघल गए थे पत्थर।
क्यों खास है ये भरत मिलाप मंदिर
एक प्रसंग है भरत मिलाप। इस प्रसंग को पढ़ने, सुनने या देखने के बाद किसी का भी मन करुणा से भर सकता है।
यहाँ आज भरत मिलाप मंदिर के मंहत जी ने बताया कि जिसे सुने व देखे विस्तार से लाइव रिपोर्ट मे।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में भरत मिलाप के नाम से एक मंदिर भी स्थित है।
आइए जानते हैं इस मंदिर के पीछे का रोचक इतिहास।
रामायण के अनुसार, जब राम जी वनवास को चले गए, तब उनके भाई भरत उन्हें मानने के लिए चित्रकूट आए और उनसे वापस अयोध्या चलने के लिए कहने लगे। दोनों भाइयों का यह मिलन इतना भावपूर्ण था कि भाई-भाई के आपस का प्रेम देखकर यहां के पत्थर भी पिघल गए और चट्टानों के भी आंसू आने लगे।
यहां राम जी और भरत जी के पैरों के निशान भी मिलते हैं। यही कारण है कि इस मंदिर की इतनी मान्यता है।
इस मंदिर की एक और खास बात यह है कि यह मंदिर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है। इस मंदिर में भक्त राम जी और भरत जी के पैरों के निशानों के दर्शन और उनकी पूजा करने आते हैं।





