छात्रवृत्ति में अब नहीं कटेगा बिचौलियों का हिस्सा, सीएम योगी का तंज— पहले 12 बजे जागने वालों से क्या उम्मीद?
उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए रविवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 18 लाख 78 हजार 726 विद्यार्थियों के खातों में 944.55 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति सीधे डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने न सिर्फ सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यप्रणाली पर भी तीखा प्रहार किया।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग 12 बजे तक सोकर उठते थे, उनसे गरीब बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की चिंता कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पहले छात्रवृत्ति रास्ते में ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थी, जबकि अब तकनीक ने इस व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है।
एक क्लिक में छात्रों के खातों तक पहुंची राशि
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज छात्रवृत्ति बिना किसी भेदभाव के सीधे छात्रों के बैंक खातों में पहुंच रही है। ई-गवर्नेंस को ईजी गवर्नेंस में बदलकर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
शिक्षा व्यवस्था में आया व्यापक बदलाव
सीएम योगी ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदल दी गई है। अब स्कूलों में बेहतर भवन, योग्य शिक्षक, आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा, पोषण मिशन, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय और कंपोजिट स्कूलों से शिक्षा की मजबूत नींव रखी गई है।
बेटियों की सफलता बनी सरकार की पहचान
राज्य विद्युत उत्पादन निगम में कंप्यूटर सहायक के रूप में चयनित एक छात्रा का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर खेल तक फोकस
सरकार द्वारा अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है। साथ ही स्किल डेवलपमेंट, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और खेल अवसंरचना को भी नई दिशा दी गई है। हर गांव में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण इसका उदाहरण है।
37 लाख से अधिक छात्रों को मिल चुका लाभ
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने जानकारी दी कि अगले शैक्षणिक सत्र से छात्रवृत्ति सेमेस्टर प्रणाली के आधार पर दी जाएगी। पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि अब तक 37 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
वहीं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पहले छात्रवृत्ति रोक दी जाती थी, जबकि अब छात्रों को सम्मानपूर्वक बुलाकर दी जा रही है। राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि पहले छात्रवृत्ति के लिए धरना देना पड़ता था, अब चार महीने में तीसरी बार राशि मिली है।
सम्मानित किए गए मेधावी छात्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र वितरित किए और छात्रवृत्ति के सहारे सफलता हासिल करने वाले युवाओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत सहित कई जनप्रतिनिधि और लाभार्थी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।





