बिठूर की पावन धरा पर 11 नवंबर से होगा सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ, धर्म और भक्ति की बहेगी अमृतधारा
■ कथा व्यास आचार्य धर्मेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी करेंगे कथा का रसपान, 18 नवंबर को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे का आयोजन
कानपुर (बिठूर)। धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में भक्ति की अमृतधारा प्रवाहित करने के उद्देश्य से कानपुर की पावन नगरी बिठूर स्थित माँ बगलामुखी परमेश्वरी पीताम्बरा पीठ में 11 नवंबर से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ एवं ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन में कथा व्यास आचार्य धर्मेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी श्रीमद्भागवत कथा का वाचन कर श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संदेश देंगे।
इस पावन आयोजन को लेकर द्विवेदी परिवार की ओर से श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों को सपरिवार आमंत्रित किया गया है। कथा परीक्षित के रूप में श्रीमती अर्चना द्विवेदी एवं यज्ञवल्क्य द्विवेदी धार्मिक अनुष्ठान में सहभागी रहेंगे। कथा का आयोजन समस्त द्विवेदी परिवार के तत्वावधान में किया जा रहा है।
सात दिनों तक होगा श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन
11 नवंबर को प्रथम दिवस मंगलाचरण, श्रीमद्भागवत महात्म्य एवं कथा का शुभारंभ होगा। 12 नवंबर को द्वितीय दिवस सृष्टि वर्णन, विभिन्न अवतार कथाओं एवं भक्त चरित्रों का वर्णन किया जाएगा। 13 नवंबर को तृतीय दिवस भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, जन्म कथा एवं बाल लीलाओं का भावपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत होगा।
14 नवंबर को चतुर्थ दिवस भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन लीला एवं रास लीला का वर्णन होगा। 15 नवंबर को पंचम दिवस रस पंचाध्यायी, भक्त चरित्र एवं भक्तिमाहात्म्य पर प्रकाश डाला जाएगा। 16 नवंबर को षष्ठम दिवस उद्धव संवाद, ज्ञान, भक्ति एवं वैराग्य के उपदेशों का वर्णन होगा। वहीं 17 नवंबर को सप्तम दिवस श्रीकृष्ण चरित्र का समापन, भागवत महिमा एवं मोक्षोपदेश के साथ सात दिवसीय कथा ज्ञान यज्ञ का समापन होगा।
18 नवंबर को पूर्णाहुति एवं भंडारा
आयोजन के अंतिम धार्मिक अनुष्ठान के अंतर्गत 18 नवंबर को पूर्णाहुति एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
बिठूर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक भूमि पर विशेष आयोजन
आयोजक परिवार ने बिठूर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए बताया कि यह वही पावन भूमि है, जहां भगवान श्रीराम के पुत्र लव-कुश का बचपन बीता तथा नाना साहब पेशवा और वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। इसी पावन भूमि पर वर्ष 2019 में पूज्य गुरु श्री ओम नारायण शास्त्री जी द्वारा माँ पीताम्बरा जी की स्थापना की गई थी। माँ बगलामुखी परमेश्वरी पीताम्बरा पीठ आज श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है।
श्रद्धालुओं से सपरिवार पहुंचने की अपील
समस्त द्विवेदी परिवार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस आध्यात्मिक आयोजन में सपरिवार पहुंचकर कथा श्रवण करें और धर्मलाभ प्राप्त करें। परिवार की ओर से कहा गया है कि इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति एवं आशीर्वाद उनके परिवार के लिए सौभाग्य की बात होगी। बिठूर की पुण्यभूमि पर सभी भक्तों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया है।
कार्यक्रम का विवरण
- कथा की तिथि: 11 से 17 नवंबर 2026
- समय: दोपहर 2 बजे से प्रभु इच्छा तक
- स्थान: माँ बगलामुखी परमेश्वरी पीताम्बरा पीठ, बिठूर, कानपुर (उत्तर प्रदेश)
- पूर्णाहुति एवं भंडारा: 18 नवंबर 2026
- कथा व्यास: आचार्य धर्मेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी
- कथा परीक्षित: श्रीमती अर्चना द्विवेदी एवं यज्ञवल्क्य द्विवेदी
- आयोजक: समस्त द्विवेदी परिवार
जय श्री कृष्णा। जय माँ पीताम्बरा।





