वन क्षेत्र में बढ़ती अवैध गतिविधियों पर सख्ती, 24×7 निगरानी के लिए विशेष टीम गठित

मुख्य बिंदु

■ अवैध कटान, खनन, परिवहन और अतिक्रमण रोकने को वन विभाग का बड़ा कदम

■ रेंजर व उपवन संरक्षक के निर्देश पर 5 सदस्यीय निगरानी टीम तैयार

■ टीम को चौबीसों घंटे गश्त और त्वरित कार्रवाई के आदेश

■ दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

■ लगातार दिखाई दे रहे मौरम लदे वाहनों पर विशेष निगरानी

कालपी (जालौन)। वन क्षेत्र में लगातार बढ़ती अवैध कटान, खनन और अतिक्रमण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। उपवन संरक्षक प्रदीप कुमार के निर्देश पर क्षेत्रीय वन अधिकारी संजय कुमार ने एक विशेष निगरानी टीम गठित की है, जो 24 घंटे क्षेत्र में गश्त कर अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने का काम करेगी।

वन विभाग की बैठक में अधिकारियों ने माना कि कुछ समय से वन सीमा से मौरम से भरे ट्रकों और ट्रैक्टरों के निकलने की घटनाएँ बढ़ी हैं। इसे देखते हुए विभाग ने वन दरोगाओं और वन रक्षकों की एक मजबूत टीम तैयार की है, जिसे पूरे क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

गठित निगरानी टीम में ये सदस्य शामिल

वन दरोगा मन्ना सिंह चौहान

वन दरोगा महेंद्र कुमार

वन रक्षक हनुमंत सिंह

वन रक्षक अजीत कुमार

वन रक्षक नरेंद्र सिंह

इसके साथ ही चेयरमैन प्रदीप कुमार, कर्मचारी मुन्ना लाल और विभाग के अन्य सहयोगियों को भी विशिष्ट जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

अवैध गतिविधि दिखाई दी तो तुरंत कार्रवाई”—रेंजर

क्षेत्रीय अधिकारी संजय कुमार ने टीम को सख्त हिदायत देते हुए कहा—
“वन भूमि पर अवैध खनन, परिवहन या कटान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस किसी को भी अवैध कार्य करते पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ बिना देरी कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

वन क्षेत्र अधिकारी ने स्वयं भी कई स्थानों पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और टीम को सक्रिय रहने के निर्देश दिए।

24 घंटे निगरानी और स्थल भ्रमण

नवगठित टीम पूरे वन क्षेत्र में दिन-रात गश्त करेगी। अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का गैर-वानिकी कार्य तुरंत रोका जाए और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाए।

वन विभाग की यह पहल अवैध गतिविधियों पर तत्काल अंकुश लगाने और क्षेत्र की वन संपदा को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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