देवरिया में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान कार्यक्रम आयोजित, कानूनी जागरूकता पर दिया गया जोर

न्यूज़ पॉइंट्स:

■ सेट एम. आर. जयपुरिया स्कूल, तिलई बेलवा देवरिया में “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

■ मुख्य अतिथि मनोज तिवारी, सचिव – जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बाल विवाह रोकने के उपाय और कानूनों की दी विस्तृत जानकारी

■ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा-9 के तहत 2 वर्ष की सजा और 1 लाख रुपये जुर्माना के प्रावधान की दी जानकारी

■ वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक नीतू भारती ने पाक्सो एक्ट और बाल सुरक्षा संबंधी प्रावधान समझाए

■ महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई

■ मनोवैज्ञानिक मीनू जायसवाल ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता बढ़ाई

कार्यक्रम में महिला थाना की सब-इंस्पेक्टर निशा एवं जिला अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य विभाग से वर्षा सिंह शामिल रहीं

विस्तृत समाचार:
देवरिया। “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत आज 10 दिसंबर 2025 को सेट एम. आर. जयपुरिया स्कूल, तिलई बेलवा देवरिया में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद देवरिया के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माननीय सचिव मनोज तिवारी रहे, जिन्होंने बाल विवाह को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा-9 का उल्लेख करते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका या 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह कराने पर 2 वर्ष तक की सजा और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक नीतू भारती ने पाक्सो एक्ट की महत्वपूर्ण धाराओं, बच्चों के अधिकार और संरक्षण के उपायों की जानकारी दी। महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित योजनाओं और सहायता सेवाओं के बारे में भी बताया गया।

इसके साथ ही मनोवैज्ञानिक मीनू जायसवाल ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और परिवारिक सहयोग की भूमिका पर चर्चा की। कार्यक्रम में महिला थाना देवरिया की सब-इंस्पेक्टर निशा तथा जिला चिकित्सालय के मानसिक स्वास्थ्य विभाग की प्रतिनिधि वर्षा सिंह भी उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बाल विवाह की कुप्रथा के विरुद्ध जागरूकता फैलाना और देवरिया को बाल विवाह मुक्त जनपद बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना रहा।

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