3 दिसंबर को होने वाली मतगणना को लेकर प्रत्याशीगणो द्वारा चल रहा जीत-हार का गणित।
भोपाल । म प्र विधानसभा चुनाव की 3 दिसंबर को होने वाली मतगणना
को लेकर प्रत्याशीगणो द्वारा जीत-हार का गणित लगाया जा ही रहा हैं।
वही सभी दलों के स्टार प्रचारकों के लिए भी परिणाम महत्वपूर्ण होंगे।
उन्होंने जिन-जिन विधानसभा सीटों पर प्रचार किया है, वहां पार्टी प्रत्याशी की हार-जीत उनके लिए महत्वपूर्ण होगी।
जिससे यह सामने आएगा कि मध्य प्रदेश में किस दल के कौन से राजनेता ज्यादा प्रभावी हैं।
पांच माह बाद लोकसभा चुनाव
लगभग पांच माह बाद लोकसभा चुनाव होने हैं।
इसमें पार्टियां अपने-अपने स्टार प्रचारकों का उपयोग विधानसभा चुनाव में उन्हें जनता से मिले प्रतिसाद के आधार पर भी कर सकती हैं। प्रत्याशियों को यह आस है कि स्टार प्रचारकों की सभाओं से उन्हें लाभ मिला होगा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीः-
रतलाम, खंडवा , सिवनी, सीधी, दमोह, गुना, मुरैना, सतना, छतरपुर, नीमच, बड़वानी, बैतूल, शाजापुर, झाबुआ और इंदौर में रोड शो।
राहुल गांधीः
अशोक नगर, सतना, राजपुर (बड़वानी), जावद (नीमच), टिमरनी (हरदा), विदिशा, खरगापुर (टीकमगढ़) और जबलपुर एवं भोपाल में रोड शो।
मल्लिकार्जुन खरगेः
कटंगी (बालाघाट), शहपुरा (डिंडौरी), ग्वालियर, भोपाल मध्य, सेवढ़ा (दतिया), श्योपुर, बैरसिया (भोपाल) और भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र।
प्रियंका गांधी वाड्राः
कुक्षी (धार), इंदौर, सांवेर (इंदौर), खातेगांव (देवास), चित्रकूट (सतना), रीवा, दतिया और सिहावल (सीधी)।
मायावतीः
मुंगावली (अशोकनगर), निवाड़ी, सतना, रीवा, सेवढ़ा (दतिया), लहार (भिंड), मुरैना, पथरिया (दमोह) और बंडा (सागर)।
अखिलेश यादवः
दमोह, पिछोर (शिवपुरी), धौहनी (सीधी), पन्ना, छतरपुर, जतारा (टीकमगढ़), निवाड़ी, जौरा (मुरैना), बहोरीबंद (कटनी)
भाजपा की ओर से अकेले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश में 14 जनसभाएं और इंदौर में रोड शो किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने धुआंधार प्रचार किया।
कांग्रेस से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई बड़े नेताओं की सभाएं हुईं।
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 10 और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नौ सभाएं की हैं। स्टार प्रचारकों ने एक विधानसभा सीट ही नहीं बल्कि आसपास की अन्य सीटों और अंचल को साधने की कोशिश की।
वही उ प्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और 12 केंद्रीय मंत्रियों की सभाएं व रोड शो हुए। क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों को देखते हुए सभाएं आयोजित की गईं। उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सभा छिंदवाड़ा के सौंसर में कराई गई। सौंसर से महाराष्ट्र सीमा की दूरी करीब 60 किमी है। पीएम मोदी की अधिकांश सभाएं उन जिलों में हुईं जहां वर्ष 2018 में भाजपा का प्रदर्शन कमजोर था
उधर, राहुल गांधी ने आदिवासी और ओबीसी बहुल जिलों में ज्यादा ध्यान दिया तो मल्लिकार्जुन खरगे की सभाएं एससी बहुल क्षेत्रों पर केंद्रित रहीं। प्रियंका गांधी वाड्रा ने आदिवासी अंचलों पर ज्यादा ध्यान दिया। प्रियंका की सभाएं और रोड शो के बाद जनता ने अपना निर्णय भी दे दिया है जो तीन दिसंबर को सामने आ जाएगा।






