बागेश्वर धाम सरकार को स्पर्श करना क्यों मना है
रिपोर्ट : विनय पचौरी
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क्यों नहीं छूने देते हैं अपने चरणों को भक्तों द्वारा
गुरुजी ने कहा हमें भीड़ से निकलना मुश्किल हो जाता है इसका कारण क्या और भी है गुरुदेव जी कहते हैं कि
भक्तों को लगने लगता है जादू या चमत्कार हमको छूने में ही है अगर हम गुरु जी को छू लेंगे तो हो सकता हमारे अंदर कोई चमत्कार आ जाए लेकिन
गुरु जी ने क्या बताया ना स्पर्श कराने का राज?
यह गुरु जी की साधना है और साधना की परिपक्वता के कारण गुरुजी को स्पर्श करने से श्री हनुमान जी महाराज की चेतना या उनकी थोड़ी सी कृपा है
उसमें दिक्कत होती है जो स्पर्श करके प्रणाम करता है उसे दिक्कत हो सकती है और गुरु जी को भी दिक्कत होती है
यही गुरुजी को ना स्पर्श करने का अद्भुत राज है।
इसी तरह से स्त्री को शिवलिंग के करीब जाने की आज्ञा नहीं होती।
मान्यता यह मानी जाती है कि महिलाओं को खासतौर से कुंवारी कन्याओं को शिवलिंग को हाथ नहीं लगाना चाहिए.
यहां तक कि शिवलिंग की पूजा का करना भी उनके लिए निषेध है. ऐसी मान्यता है कि लिंगम एक साथ योनि (जो देवी शक्ति का प्रतीक है एवं महिला की रचनात्मक ऊर्जा है का प्रतिनिधित्व करता है.
इसलिए स्त्री को शिवलिंग के करीब जाने की आज्ञा नहीं होती है. ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान शिव बेहद गंभीर तपस्या में लीन रहते हैं.।
देवों के देव महादेव की तंद्रा भंग न हो जाए इसलिए महिलाओं को शिवलिंग की पूजा न करने के लिए कहा गया है. जब शिव की तंद्रा भंग होती है तो वे क्रोधित हो जाते हैं.।
इसके अलावा महिलाओं का शिवपिंडी को स्पर्श कर पूजा करना मां पार्वती को भी रास नहीं है. मां पार्वती इससे नाराज हो सकती हैं और पूजा करने वाली महिलाओं पर इस तरह की गई पूजा का विपरीत असर हो सकता है।
महिलाओं को शिव की पूजा मूर्ति रूप में करनी चाहिए। खासताैर से पूरे शिव परिवार की पूजा उनके लिए विशेष लाभकारी है।




