
भाटपार रानी (देवरिया)। ‘मीडिया की भूमिका राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण है। जिस क्षेत्र के पत्रकार इसके प्रति जागरूक हैं वहां के विकास की गति अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक है अर्थात जहां के पत्रकार जागरूक हुए वहां के राष्ट्र का द्रुत गति से विकास हुआ।’ उक्त बातें भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति व सोशल मीडिया पत्रकार महासंघ के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार दिलावर सिंह ने अपने संबोधन में कहीं। वे देवरिया जनपद के भाटपार रानी तहसील अंतर्गत हाता बाजार के वन चौराहा पर आयोजित ‘राष्ट्र के विकास में पत्रकारों की भूमिका’ विषयक संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि पत्रकारों को अपने हितों के प्रति जागरूक होने के लिए संगठित होना होगा।
आयोजन को संबोधित करते हुए प्रोफेसर डॉक्टर रविंद्र यादव भोजपुरिया ने कहा सभी पत्रकारों को एकजुट होना होगा। पूर्व प्रधानाचार्य रमाकांत सिंह ने कहा एकता में शक्ति होती है। सभी पत्रकार एक हों। विद्याभूषण श्रीवास्तव ने कहा अलग-अलग गुटों में बंटी पड़ी है पत्रकारों की एकता जिसे संगठित करने की जरूरत है। सदर तहसील अध्यक्ष देवरिया दिनेश राव ने कहा सब पत्रकार संगठित हों तो मिलेगा सुखद परिणाम। आदर्श पाण्डेय के लिए यह कार्यक्रम जीवन का पहला अनुभव रहा।
दयानंद भाई ने कहा पत्रकारों की बदौलत भ्रष्टाचार पर अंकुश लग रहा है। अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार एवम ब्यूरो चीफ डॉ. मोतीलाल यादव ने कहा कुछ पत्रकार पत्रकारिता को कलंकित कर रहे हैं जिसके कारण लोगों का नजरिया पत्रकारों के प्रति बदला हुआ है। संगठन के जिलाध्यक्ष श्यामानन्द पाण्डेय ने कहा निष्पक्ष पत्रकारिता करें आपका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। तहसील अध्यक्ष असगर अली ने कहा कि किसी भी पत्रकार का उत्पीड़न सहन नहीं किया जाएगा। आयोजक रजनीश भारती ने भावपूर्ण संबोधन में कहा कि मेरे उत्पीड़न के विरुद्ध संगठन की भूमिका अत्यंत सराहनीय जिसके लिए मैं संगठन का आजीवन आभारी रहूंगा।
कार्यक्रम में पीयूष कुमार, उमेश, योगेन्द्र यादव, रामनाथ सिंह, मोहम्मद मुस्ताक, छोटेलाल कुशवाहा, निसार आलम अंसारी, राजेश कुमार भारती, लोक गायक सुभाष यादव, ऋषि कपूर भारती, वशिष्ठ मिश्रा, रमेश कुशवाहा ग्राम प्रधान, शिवाजी मद्धेशिया प्रधान, संजय कुमार पाल, चंदेश्वर चौधरी, सुधाकर द्विवेदी, अनिरुद्ध प्रसाद गुप्ता, मृदुल द्विवेदी आदि ने भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन कवि, शायर व पत्रकार मकसूद अहमद भोपतपुरी ने किया।




