• प्याज एक उत्तेजक पदार्थ है इसलिए पाचन-सम्बंधी समस्त विकारों (बीमारी) में इसका प्रयोग किया जाता है। प्याज को लगभग प्रत्येक सब्जी, चपाती, चटनी, सांभर, सूप, सलाद और चाट तक में इस्तेमाल किया जाता है।
  • प्याज के काटने पर प्याज से तेज गंध आती है। प्याज को सूंघने से बंद नाक खुल जाती है।

    प्याज कोलेस्ट्रॉल का ऑक्सीकरण करती है, जिसके परिणामस्वरूप कोलेस्ट्रॉल का स्तर घट जाता है। सुबह सोकर उठने पर कच्चे प्याज का 1 चम्मच रस लेना कोलेस्ट्राल का स्तर कम करने के लिए अच्छा रहता है।  

  • हम अपने घर पर प्याज का सलाद एवं सब्जी के रूप में तो उपयोग करते ही हैं, यह एक बेहतरीन औषधि भी है। प्याज एक अति गुणकारी सब्जी हैं। ये सब्जी कम हैं औषिधि ज़्यादा हैं। प्याज नाड़ी संस्थान, शारीरिक, मानसिक, कामशक्ति को ताक़त देता हैं।
  • सामान्यतः प्याज में प्राकृतिक शक्कर ,विटामिन्स ए ,बी-6 ,सी ,और इ पाया जाता हैं.इसके अलावे मिनरल्स जैसे सोडियम ,पोटैशियम,आयरन,दिएट्री फाइबर होता हैं प्याज फोलिक एसिड का भी सबसे अच्छा स्त्रोत हैं।

    अगर आप रोज अपने खाने में प्याज शामिल करते हो तो, आप डॉक्टर के पास जाना भी भूल जाओंगे। आओ जाने प्याज से होने वाले फायदों के बारे में।

प्याज के 40 औषधीय गुण : 

  • प्याज के रस को सरसों के तेल में मिलाकर दो महीनों तक लगातार जोड़ो पर मालिश करने से जोड़ो के दर्द और आमवात में आराम मिलता है।
  • बाल गिरने की समस्या से निजात पाने के लिए प्याज बहुत ही असरकारी है। गिरते हुए बालों के स्थान पर प्याज का रस रगडने से बाल गिरना बंद हो जाएंगे।
  • डायबिटीज रोगियों को भोजन के साथ कच्चा प्याज खाना चाहिए। प्याज खाने से शरीर में इंसुलिन का स्तर सामान्य हो जाता है।
  • प्याज को नमक के साथ मिला कर चबाने से दन्त शूल व मसूड़ों की सूजन में लाभ मिलता है।
  • प्याज को सिरके में मिलाकर खिलाने से भूख लगने लगती है. ये उन के लिये लाभकारी है जिनकी गर्मी के मौसम में भूख कम हो जाती है।
  • प्याज खाने से शरीर की योन सकती बढती है। शारीरिक क्षमता को बढाने के लिए पहले से ही प्याज का इस्तेमाल होता आया है।
  • प्याज में क्रोमियम तत्व पाया जाता हैं जो की रक्त प्रवाह को सुचारू ढंग से चलाता हैं.और शरीर के शक्कर को नियंत्रित रखता हैं।
  • अगर नाक के रक्त आता हो या नकसीर हो गया हो तो नाक में प्याज के रस का 2,3 बूंद डालने से रक्त आना बंद हो जाता हैं।
  • अगर गर्मी में लू लगने का ख़तरा हो तो कच्चे प्याज का सेवन लाभप्रद होता हैं ।
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  • प्याज समय से पहले होने वाले झुरियों को भी कम करता हैं.त्वचा को जवान और स्वस्थ रखता हैं।
  • शरीर को शक्तिशाली बनाना : प्याज शहद और मिश्री को एक साथ मिलाकर खाने से पेट से सम्बंधित रोग खत्म हो जाते हैं और शरीर में ताकत की वृद्धि होती है।
  • बालों को काले करना : प्याज को पीसकर बालों पर लेप करने से बाल काले रंग के उगने लगते हैं।
  • नशा उतारना : जो व्यक्ति नशे में होता है उस व्यक्ति को 1 प्याज का रस रोजाना पिलाने से उसका नशा उतर जाता है।
  • घट्टा (पैर का गोखरू) : प्याज का रस प्रतिदिन पैर में लगाने से पैर नर्म हो जाने पर घट्टे को काटकर फेंक दें।
  • सांप के काटने पर : 15 मिलीलीटर प्याज के रस और 15 मिलीलीटर सरसों के तेल को अच्छी तरह मिलाकर रोगी को 1 दिन में 3 बार आधे-आधे घंटे के बाद पिलाने से सांप का जहर उतर जाता है और रोगी ठीक हो जाता है।
  • आंखों की रोशनी : प्याज के रस को शहद में मिलाकर आंखों में लगाने से आंखो की रोशनी तेज होती है।
  • काले दाग : चेहरे के काले दागों पर प्याज का रस लगाने से दागों का कालापन दूर होता है और चेहरे की चमक बढ़ती है।
  • नकसीर : नकसीर (नाक से खून आने पर) में प्याज का रस नाक में डालने से नाक और गले का संक्रमण ठीक हो करके नकसीर के रोग में लाभ पंहुचता है।
  • अनिद्रा (नींद का कम आना): कच्चा लाल प्याज या पकाये हुए प्याज को गर्म राख में पकाकर या इसका रस 4 चम्मच पीने से नींद अच्छी आती है।
  • जाला (आंखों की पुतली पर उत्पन्न सफेदी जाला) : रूई की बत्ती को प्याज के रस में भिगोकर सुखाकर तिल के तेल में जलाकर लगाने से आंखों का जाला (आंखों की पुतली पर पैदा हुआ सफेद जाला) दूर होता है।
  • ऐंठन : ऐंठन होने और झटके लगने पर प्याज के गर्म-गर्म रस से पैर के तलुओं पर मालिश करने से आराम मिलता है।
  • कुत्ते या सियार के काटने पर : प्याज को पीसकर शहद में मिलाकर जानवर के द्वारा काटे हुए अंग (भाग) पर लगाने और प्याज का रस पिलाने से जहर दूर हो जाता है।
  • मस्से : प्याज का रस लगाने से मस्से नष्ट हो जाते हैं।
  • मिर्गी (अपस्मार) : रोजाना सुबह लगभग 72 मिलीलीटर प्याज का रस थोडा-सा पानी मिलाकर पीने से मिर्गी का दौरा बंद हो जाता है। ऐसा कम से कम 40 दिनों तक कर सकते हैं। मिर्गी के दौरे में प्याज का रस सूंघने से होश में आ जाता है।
  • लू का लगना : लगभग 2 ग्राम जीरे के चूर्ण को पीसी हुई प्याज के साथ मिश्री मिलाकर खाने से लू में बहुत लाभ मिलता है।
  • कान में दर्द : कान में दर्द, कान में पीव और कान में आवाज आना और बहरापन होने पर प्याज के रस को थोड़ा-सा गर्म करके उसकी 5-7 बूंदे कान में डालने से लाभ मिलता है।
  • पेट में कृमि (कीड़े) और अजीर्ण : 1 चम्मच प्याज के रस को हर 2-2 घंटे के बाद रोगी को पिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं और बदहजमी भी ठीक हो जाती है।
  • अम्लपित्त (एसिडिटी) : 60 ग्राम सफेद प्याज के टुकड़ों को 30 ग्राम दही में मिलाकर रोजाना 3 बार खाने से कम से कम 7 दिनों तक सेवन करने से अम्लपित्त (एसिडिटी) के रोग में लाभ होता है।
  • अजीर्ण : लाल प्याज को काटकर उस पर नींबू निचोड़कर खाने से अजीर्ण (भूख का कम लगना) का रोग दूर होता है।
  • पीलिया : छोटे प्याज को छीलकर उनको चौकोर काटकर सिरके या नींबू के रस में डाल दें, ऊपर से नमक, कालीमिर्च डालकर खा लें, इस तरह रोजाना सुबह और शाम प्याज खाने से पीलिया का रोग दूर होता है।
  • बिवाइयां (पैरों की एड़ियों का फटना) : कच्चा प्याज पीसकर एड़ियों पर बांधने से फटी एड़ियां ठीक हो जाती हैं।
  • खूनी बवासीर : 100 मिलीलीटर प्याज के रस में 50 ग्राम शक्कर मिलाकर पीने से खूनी बवासीर के रोग में लाभ मिलता है।
  • आंखों के रोहे, फूले : प्याज का रस आंखों के फूलों को समाप्त कर देता है। इसे 1 से 2 बूंद रोजाना 2 से 3 बार आंखों में डाले।
  • उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) : 25 मिलीलीटर प्याज के रस में 25 ग्राम शहद को मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से कुछ सप्ताह में उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) घटने लगता है।
  • हाथ-पैरों की ऐंठन और अकड़न : हाथ-पैरों का ऐंठन या अकड़न दूर करने के लिए प्याज का रस निकालकर गर्म करके गर्म-गर्म रस को पैरों के तलवों पर मालिश करने से अकड़न ठीक हो जाती है।
  • त्वचा के रोग : प्याज को आग में भूनकर गर्म-गर्म ही गिल्टी (गांठों) और फोड़ों-फुसियों पर बांधने से वे फूट जाती हैं और उनका मवाद बाहर आ जाता है। इससे सूजन, जलन, दर्द आदि भी ठीक हो जाते हैं और जख्म भी जल्दी भर जाते हैं। इन्फेक्शन (संक्रमण) का जख्म भी नहीं रहता है। एक भाग प्याज के रस को 4 भाग पानी में मिलाकर सड़े हुए, मवाद से भरे हुए जख्म को धोने और बाद में इसी घोल में भीगा हुआ (कपड़ा) जख्म पर बांधने से जख्म ठीक हो जाता है। यह खून को साफ करता है और कीटाणुओं को मारकर खुजली को मिटाता है। प्याज को कच्चा या पकाकर खाने से त्वचा का पीलापन और मुरझायी हुई त्वचा अच्छी और चमकदार हो जाती है।
  • हाथ-पैरों की जलन: प्याज का रस और सरसों के तेल बराबर मात्रा में मिलाकर मालिश करने से रोगी को रोग में जल्द लाभ मिलता है।
  • हृदय रोग : शहद में प्याज का रस समान मात्रा में मिलाकर 2 चम्मच रोजाना सेवन करने से रक्त में कोलेस्ट्राल की मात्रा कम हो जाती है तथा स्नायु दुर्बलता, अनिद्रा एवं हृदय की धड़कन में लाभ पहुंचाती है।
  • दाद के रोग : प्याज के बीज को नींबू के रस के साथ पीसकर रोजाना 2 बार लगभग 2 महीने तक दाद पर लगाने से दाद बिल्कुल ठीक हो जाता है।
  • एक्जिमा : प्याज के बीज पीसकर लेप करने से 8 से 10 सप्ताह में एक्जिमा समाप्त हो जाता है।
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