अफगानिस्तान में 6.0 तीव्रता का भूकंप, 800 मौतें – क्यों बार-बार आती है ये तबाही
नमस्कार, आप देख रहे हैं Focus News 24×7 और मैं हूँ विनय कुमार
अफगानिस्तान में एक बार फिर धरती हिली… और इस बार तबाही इतनी भयानक रही कि महज़ 6.0 तीव्रता के भूकंप ने 800 ज़िंदगियां निगल लीं, जबकि 2500 से अधिक लोग घायल हो गए
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, यह भूकंप रविवार देर रात नंगरहार प्रांत के जलालाबाद शहर से 27 किलोमीटर दूर आया। इसकी गहराई थी महज़ 8 किलोमीटर — और यही वजह रही कि झटके बेहद खतरनाक साबित हुए।
❓अब सवाल उठता है — क्यों अफगानिस्तान में बार-बार भूकंप आते हैं?
👉 दरअसल, अफगानिस्तान की भौगोलिक स्थिति बेहद संवेदनशील है। यह वही इलाका है जहां इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट लगातार टकराती हैं।
इन प्लेट्स की हलचल का सबसे बड़ा असर पड़ता है हिंदू कुश पहाड़ियों और पामीर के पठार पर, जो हिमालय से भी जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि जब भी ये प्लेट्स खिसकती हैं, तबाही का मंजर खड़ा हो जाता है
भूकंप का इतिहास” – अगस्त 2025 में ही अफगानिस्तान में पाँच बार झटके दर्ज।
✔️ सिर्फ अगस्त महीने में ही अफगानिस्तान 5 बार भूकंप झेल चुका है।
27 अगस्त – 5.4 तीव्रता
17 अगस्त – 4.9 तीव्रता
13 अगस्त – 4.2 तीव्रता
8 अगस्त – 4.3 तीव्रता
और अब, 6.0 की तीव्रता का यह भूकंप, जिसने सैकड़ों परिवारों को उजाड़ दिया।
🤝 इस मुश्किल समय में भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगानिस्तान को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है
“भारत अफगानिस्तान के साथ खड़ा है – पीएम मोदी”
🔎 अंत में, समझना ज़रूरी है कि भूकंप कैसे आता है?
धरती सात टेक्टॉनिक प्लेट्स पर टिकी है। ये प्लेट्स लगातार हिलती रहती हैं। जब ये प्लेट्स टकराती हैं, दबाव बनता है और वही दबाव टूटकर ऊर्जा के रूप में निकलता है — इसे ही कहते हैं भूकंप।
रिक्टर स्केल पर 6.0 तीव्रता मध्यम मानी जाती है, लेकिन अगर इसका केंद्र सतह के पास हो, जैसे नंगरहार में हुआ, तो तबाही बेहद भयानक हो सकती है
आज अफगानिस्तान में फिर वही हुआ — धरती हिली और इंसानियत रो पड़ी…
Focus News 24×7 – सच्चाई सबसे पहले”






