गन्ना किसानों की समस्याओं पर मंथन, समय से भुगतान और फसल सुरक्षा पर उठी मांग
■ गन्ना किसानों ने समय पर गन्ना मूल्य भुगतान और खतौनी संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
■ जंगली जानवरों एवं नीलगायों से फसलों की सुरक्षा के लिए सरकार और मिल प्रबंधन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
■ शरदकालीन गन्ना बुवाई के साथ सरसों की सहफसल अपनाने और किसानों से नियमित संवाद बढ़ाने पर जोर दिया गया।
दिनांक 03 अगस्त 2026 को गन्ना किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं गन्ना उत्पादन बढ़ाने को लेकर ग्राम बंगरूआ में किसान ध्रुव नारायण यादव के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बजाज हिंदुस्तान शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, प्रतापपुर के गन्ना विकास अधिकारी राणा प्रताप सिंह तथा गन्ना पर्यवेक्षक जयप्रकाश यादव सहित क्षेत्र के कई किसान एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान गन्ना विकास अधिकारी ने किसानों से शरदकालीन गन्ना बुवाई के साथ-साथ सरसों जैसी सहफसलों की खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक खेती की तकनीकों और फसल विविधीकरण से किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। साथ ही किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्रफल में गन्ना की खेती करने की अपील की गई।
इस अवसर पर किसानों ने अपनी प्रमुख समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। किसानों का कहना था कि गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान न होना तथा जंगली जानवरों और नीलगायों द्वारा फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया जाना उनकी सबसे बड़ी चिंताएं हैं। इन समस्याओं के कारण किसान धीरे-धीरे गन्ने का रकबा कम कर रहे हैं। किसानों ने मांग की कि मिल प्रबंधन और राज्य सरकार संयुक्त रूप से ठोस रणनीति बनाकर फसल सुरक्षा और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करें।
बैठक में यह भी कहा गया कि यदि किसानों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो निश्चित रूप से क्षेत्र में गन्ने का उत्पादन एवं क्षेत्रफल दोनों बढ़ेंगे। बैठक में संतोष प्रधान, अजय गुप्ता, यूसुफ अंसारी, रघुनाथ सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।






