विशेष रिपोर्ट | चित्रकूट से विनय पचौरी की रिपोर्ट
तुलसी तीर्थ राजपुर धाम में गूंजे राम नाम के स्वर
■ तुलसी जन्मोत्सव पर मुरार जी बापू और मानस कोकिला मिथलेश्वरी दीक्षित की रही दिव्य उपस्थिति
चित्रकूट तुलसी जन्मभूमि के रूप में विख्यात तुलसी तीर्थ राजपुर धाम में इस बार का तुलसी जन्मोत्सव अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।
इस पावन अवसर पर प्रख्यात संत मुरार जी बापू ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
उनके साथ ही मानस कोकिला श्रीमती मिथलेश्वरी दीक्षित ने भी मंच साझा किया और अपनी मधुर वाणी से गोस्वामी तुलसीदास जी की महिमा का गान कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
🔸 धार्मिक उन्नति का केंद्र बना राजपुर धाम
पूरे परिसर में राम नाम की अखंड ध्वनि गूंज रही थी। तुलसीदास जी की जन्मस्थली पर उनकी रचनाओं — रामचरितमानस और विनय पत्रिका का पाठ, कीर्तन एवं प्रवचन का विशेष आयोजन हुआ। भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी, जो सुबह से ही दर्शन और सत्संग के लिए पहुँची थी।
🔸 मुरार जी बापू का संदेश
अपने प्रवचन में मुरार जी बापू ने कहा —
“तुलसीदास जी ने राम नाम को जन-जन तक पहुँचाया। उनका जीवन और रचनाएँ हमें प्रेम, भक्ति और मर्यादा का मार्ग दिखाती हैं। राजपुर धाम, केवल तीर्थ नहीं, बल्कि रामभक्ति की जीवंत धारा है।”
🔸 मिथलेश्वरी दीक्षित ने बाँधा समां
वहीं मानस कोकिला मिथलेश्वरी दीक्षित ने अपने भजनों से संपूर्ण वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
उन्होंने रामचरितमानस की चौपाइयों और तुलसी वंदना के माध्यम से भक्तों को रस में डुबो दिया।
🔸 भव्य शोभा यात्रा और महाआरती
तुलसी जन्मोत्सव के अंतर्गत नगर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की झांकियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं।
रात्रि में विशाल महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों दीप जलाकर तुलसीदास जी को श्रद्धांजलि दी गई।






