जनपद न्यायालय देवरिया में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन कर, किये गये 2,66,914 वादों का निस्तारण
देवरिया जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया धनेन्द्र प्रताप सिंह के अध्यक्षता में दिनांक 09.05.2026 दिन शनिवार को सुबह 10.00 बजे राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। उक्त अवसर पर माननीय जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बद्री विशाल पांडेय, प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफ0टी0सी0-।।, जगन्नाथ एवं सम्मानित न्यायाधीशगणों द्वारा फीता काटकर एवं मॉ सरस्वती प्रतिमा का माल्यार्पण एवं द्विप प्रज्जवलन के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान संरक्षण अधिकारी, बाल संरक्षण इकाई, देवरिया जय प्रकाश तिवारी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित न्याय पाने का सबसे सुगम माध्यम है। इससे न केवल मुकदमों का बोझ कम होता है, बल्कि पक्षकारों के बीच कटुता समाप्त होकर प्रेम और सद्भाव बढ़ता है।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय लोक अदालत केवल कानूनी समझौतों का केंद्र ही नही बल्कि सामाजिक न्याय और मानवीय सेवा की मिसाल भी बनी। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश, देवरिया द्वारा समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ट्राई-साइकिल और पेंशन प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। दिव्यांग विभाग, देवरिया के सक्रिय सहयोग से चिन्हित किए गए चार दिव्यांगजनों को माननीय जनपद न्यायाधीश द्वारा ट्राई-साइकिल प्रदान की गई। ट्राई-साइकिल पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। माननीय जनपद न्यायाधीश ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों के आवागमन को सुगम बना कर और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है।
इसी क्रम में, वन स्टॉप सेंटर, देवरिया के समन्वय से एक विशेष पहल की गई। कार्यक्रम के दौरान मृतक व्यक्तियों की पत्नियों को निराश्रित विधवा पेंशन के 5 प्रमाण पत्र सौंपे गए।
इस अवसर पर माननीय न्यायाधीश ने कहा कि प्रशासन और न्यायपालिका के इस साझा प्रयास से अब इन महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सकेगी, जिससे उनके जीवन-यापन में सुगमता आएगी। उन्होने कहा कि लोक अदालत का मूल मंत्र सुलभ न्याय है। हम न केवल वादों का निस्तारण कर रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचे। दिव्यांगों की सहायता और निराश्रित महिलाओं का सम्मान हमारे सामाजिक दायित्व का हिस्सा है।
उक्त अवसर पर जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह के द्वारा 01 वाद का निस्तारण कर मु0-500/-रू0 जुर्माना के रूप में दिलाया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बद्री विशाल पाण्डेय के द्वारा 08 तथा अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ब्रजेश मणि त्रिपाठी के द्वारा 08 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी इफ्तेखार अहमद द्वारा कुल 54 मामलों का निस्तारण कर मु0-3,57,01,175/-रूपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में दिलाया गया तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा सिंह-।।। द्वारा 1105 वाद व अन्य सभी सम्बन्धित न्यायिक अधिकारीगण के द्वारा 1163 निस्तारित वादों को मिलाकर कुल 2339 मामलों तथा राजस्व विभाग, बैंक व अन्य विभागों के द्वारा 2,64,575 वादों को निस्तारण किया गया। इस प्रकार इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल मिलाकर 2,66,914/- मामलों का निस्तारण किया गया। प्रतिकर, जुर्माना एवं अन्य मामलों में कुल मु0- 10,32,36,600/-रूपये की धनराशि का सेटलमेण्ट किया गया।
इस लोक अदालत मे मुख्य रूप से नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (ई0सी0एक्ट) नरेन्द्र नाथ त्रिपाठी व अन्य सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, बैक कर्मी, पैनल अधिवक्ता, मध्यस्थ, पी0एल0वी, वादकारीगण, तथा सामान्य जनता उपस्थित रहें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव/ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफ0टी0सी0-।।, देवरिया जगन्नाथ के अथक प्रयास से इस लोक अदालत का सफल आयोजन सम्पन्न हुआ तथा इसके लिए सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।


