डीएम ने की पशुपालन विभाग की समीक्षा
देवरिया जिलाधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह की अध्यक्षता में निराश्रित गोवंश के शत-प्रतिशत संरक्षण हेतु 01 नवंबर से 31 दिसंबर 2023 तक विशेष अभियान चलाकर निराश्रित / छुट्टा गावेंश को निकटस्थ स्थायी / अस्थायी आश्रय स्थलों में संरक्षित करने तथा विशेष अभियान को संवेदनशीलता से ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में संचालित एवं क्रियांवित कराने तथा अभियान के अनुश्रवण हेतु गांधी सभागार, विकास भवन, देवरिया में बैठक आहूत की गयीं।
जिलाधिकारी द्वारा कान्हा गोशाला- राउतपार रघेन तथा वृहद गो संरक्षण केन्द्र-मझौलीराज में क्षमतावृद्धि हेतु अतिरिक्त शेड बनाने हेतु निर्देशित किया गया। अध्यक्ष द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास खण्ड-रूद्रपुर में 09, गौरीबाजार में 03, भागलपुर में 06 एवं बरहज में 06 तथा नगर पंचायत-मदनपुर में 01 नवीन अस्थाई गो आश्रय स्थल का निर्माण अगले 04 दिनों के अन्दर कराने का निर्देश दिया तथा समस्त गो आश्रय स्थलों पर संरक्षित पशुओं को ठण्ड से बचाव हेतु तिरपाल, काऊ कोट इत्यादि की व्यवस्था कराने हेतु निर्देशित किया गया। मा० मुख्यमंत्री सहभागिता योजनान्तर्गत प्रत्येक विकास खण्ड को 20-20 लाभार्थियों का चयन करते हुए गोवंश वितरण कराने हेतु निर्देशित किया गया।
बैठक में जनपद में निराश्रित / बेसहारा गोवंश की अनुमानित संख्या का आंकलन, वर्तमान में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित गो आश्रय स्थल की क्षमता वृद्धि, अतिरिक्त अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल हेतु भूमि का चिन्हिकरण एवं निर्माण, पूर्व में संचालित निष्क्रिय गो आश्रय स्थलों को पुनः सक्रिय करने हेतु अस्थाई / स्थाई गो आश्रय स्थल के निर्माण की प्रगति, गो आश्रय स्थलों पर 10 हजार के मानदेय पर रखने केयर टेकर रखने की प्रगति, अभियान के दौरान गो संरक्षण हेतु 06 विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गठित विशेष दस्तों की क्रियाशीलता, अवशेष निराश्रित गोवंश के संरक्षण के अद्यतन स्थिति, कैटल कैचर की उपलब्धता, उपलब्ध / कब्जा मुक्त चारागाहों पर बहु-वर्षीय चारा-घासों एंव अन्य चारा उत्पादन, एस०एफ०सी० पुलिंग, गोवंश संरक्षण के साप्ताहिक प्रगति की प्रारूप-1 एवं प्रारूप-2 पर प्रेषण, मा० मुख्यमंत्री सहभागिता योजनान्तर्गत नये लाभार्थियों के चयन, समस्त अस्थाई गो आश्रय स्थल के भरण-पोषण हेतु माह नवम्बर की धनराशि की मांग पत्र की स्थिति, समस्त गो आश्रय स्थलों पर गोवंशों को ठण्ड से बचाव हेतु प्रबंधन (तिरपाल, काऊकोट, अलाव, संतुलित आहार, साईलेज इत्यादि की व्यवस्था) तथा संरक्षित निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण हेतु विकास खण्डवार पराली संग्रहण पर जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा की गयी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), जिला विकास अधिकारी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, उपायुक्त मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त सहायक विकास अधिकारी (पं०), समस्त अधिशासी अधिकारी (न०पा० / न०पं०), तथा समस्त उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी / पशुचिकित्साधिकारी इत्यादि उपस्थित थे।






