मोठ तहसील में ईद की नमाज अदा, अमन-चैन की दुआएं मांगी गई
मोठ (झांसी): मोठ तहसील के थाना समथर क्षेत्र के ग्राम पंचायत साकिन और लोहागढ़ सेरसा में ईद उल-फितर की नमाज बड़े ही सादगी, भाईचारे और अमन-चैन के साथ अदा की गई। इस मौके पर मुल्क की तरक्की और शांति के लिए खास दुआएं मांगी गईं।
ग्राम साकिन में हाफिज नौशाद चिश्ती ने ईद उल-फितर की नमाज अदा कराई। नमाज के बाद हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए लोगों ने आपस में गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद और शुभकामनाएं दीं। मौलाना हाफिज नौशाद चिश्ती ने कहा कि यदि हम सभी एकता और भाईचारे के साथ रहेंगे तो हमारा देश विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
ग्राम प्रधान वकील अहमद ने समस्त क्षेत्रवासियों को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर थाना प्रभारी समथर अनुज गंगवार की देखरेख में ईद की नमाज अदा कराई गई और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल मुस्तैदी से तैनात रहा।
इस खास अवसर पर ग्राम के सम्मानित व्यक्ति मौजूद रहे, जिनमें ग्राम प्रधान वकील अहमद, महमूद नेता, हाजी नन्हे खां, हाजी मकसूद खां, हाजी जमील खां, हाजी मकबूल खां, कल्लू नेता, छुनना नेता, शकील मास्टर, रब्बानी मास्टर, हर्षवर्धन सिंह उर्फ कन्हैया (पूर्व प्रधान प्रतिनिधि साकिन), प्रभाकांत मिश्रा (मंडल उपाध्यक्ष, पत्रकारिता संघ झांसी) और धीरज गुर्जर साकिन गुफरान अहमद शामिल रहे।
ईद उल-फितर क्या है?
ईद उल-फितर इस्लाम धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे रमजान के पवित्र महीने के समापन के बाद मनाया जाता है। इसे ‘मीठी ईद’ भी कहा जाता है।
इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग विशेष नमाज अदा करते हैं, गरीबों और जरूरतमंदों में फितरा (दान) बांटते हैं और एक-दूसरे को ईद की बधाइयां देते हैं। यह त्योहार प्रेम, भाईचारे और आपसी सौहार्द का प्रतीक है।
मोठ तहसील से: जहूर अहमद खान की रिपोर्ट






