फोकस न्यूज़ 24×7 विशेष रिपोर्ट
जालौन नगर में चेक बाउंस मामले में ऐतिहासिक फैसला, 9 लाख के बदले 19 लाख से अधिक की देनदारी और 3 माह की सजा
रिपोर्ट: महेश चौधरी, जिला ब्यूरो – जालौन
जालौन नगर में चेक बाउंस के एक महत्वपूर्ण मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए यह संदेश दिया है कि किसी का पैसा हड़पने के उद्देश्य से चेक देने वालों के खिलाफ कानून कड़ा रुख अपनाता है। इस मामले में फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष यादव से फोकस न्यूज़ 24×7 की विशेष मुलाकात में उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि जालौन नगर के व्यापारी मनीष तिवारी को हापुड़ के एक व्यापारी योगेंद्र ने वर्ष 2021 में 9 लाख रुपये का चेक दिया था। जब यह चेक बैंक में लगाया गया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद पीड़ित व्यापारी की ओर से कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
इस मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष यादव ने की और मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट जावेद खान की अदालत में दायर किया गया। लगभग पांच वर्षों तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी व्यापारी को 9 लाख रुपये के मूल धन के साथ ब्याज और अन्य देनदारियों को जोड़ते हुए कुल 19 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने का आदेश दिया।
इसके साथ ही अदालत ने आरोपी को तीन माह के कारावास की सजा भी सुनाई।
वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष यादव ने बताया कि चेक बाउंस का मामला भारतीय कानून में गंभीर अपराध माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति किसी को भुगतान के लिए चेक देता है और खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो जाता है, तो पीड़ित व्यक्ति अदालत में मुकदमा दायर कर न्याय प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि अदालत का यह फैसला उन लोगों के लिए कड़ी चेतावनी है जो चेक देकर व्यापारियों या अन्य लोगों का पैसा हड़पने की कोशिश करते हैं। वहीं यह निर्णय उन व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए आशा की किरण है जिन्हें चेक बाउंस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इस फैसले से यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति बच नहीं सकता और पीड़ित को उसका हक दिलाने के लिए न्यायपालिका पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
फोकस न्यूज़ 24×7 से जिला ब्यूरो – महेश चौधरी, जालौन





