जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में राजकीय बाल गृह देवरिया में बुनियादी ढाँचे की पर्याप्तता हेतु निरीक्षण कर हुयी आवश्यक बैठक, दिये गये आवश्यक निर्देश
माननीय उच्च न्यायालय किशोर न्याय समिति के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राम मिलन सिंह के अध्यक्षता में सचिव , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मनोज कुमार तिवारी, जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मंजू कुमारी,मुख्य विकास अधिकारी, श्री प्रत्यूष पांडेय इत्यादि द्वारा बाल देखभाल संस्थान cci का आकलन विशेष रूप से स्वीकृत क्षमता के सापेक्ष वर्तमान अधिभोग और मौजूदा बुनियादी ढाँचे की पर्याप्तता तथा प्राकृतिक सूर्य के प्रकाश और वायु-संचार की उपलब्धता, खुले स्थानों और खेल के मैदानों तक पहुँच, हेतु राजकीय बाल गृह देवरिया में का निरीक्षण कर बैठक आहूत की गयी।
उक्त बैठक में मा0 जनपद न्यायाधीश देवरिया द्वारा राजकीय बाल गृह में योगा, क्रीडा,रंगमंच, चित्रकारी, बागवानी, संगीत, व्यवसायिक कार्यक्रम, सुरक्षा, आहार, स्वास्थ्य, इत्यादि बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा किया गया। जनपद न्यायाधीश द्वारा राजकीय बाल गृह के अध्ययन कक्ष, शयन कक्ष, भोजनालय, विश्राम कक्ष, प्रसाधन गृह, का निरीक्षण कर साफ-सफाई हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया गया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशध्सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया श्री मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा बालगृह में आवासित बच्चों के समग्र विकास हेतु दिये गये निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही क्षम्य नही होगी।
उन्होने संस्था के सुरक्षा व्यवस्था व रंगमंच के माध्यम से बच्चों के अन्दर आत्मविश्वास उत्पन्न करने, चित्रकला के द्वारा बच्चो के अन्दर रचनात्मक व क्रियात्मक विकास करने, हेतु व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से क्रियान्वयन करने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया।
जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल द्वारा बच्चो हेतु पौष्टिक भोजन, बिस्तर, वस्त्र तथा मूल-भूत आवश्यकताओं की उपलब्धता का आकलन किया गया। उन्होने कौशल विकास योजना के माध्यम से बच्चो के अन्दर रोजगारपरक कौशल विकसित करने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया। मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पांडेय द्वारा बच्चों के अन्दर मानसिक एवं शारीरिक विकास हेतु योगा एवं ध्यान की शिक्षा निरन्तर देने हेतु निर्देशित किया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी के द्वारा बच्चों के स्वास्थ हेतु निरन्तर परीक्षण कर उनमें उत्पन्न शारीरिक विकारों को दूर करने के लिए निर्देशित किया गया ।
इस बैठक में मुख्य रूप से संरक्षण अधिकारी , जय प्रकाश तिवारी, प्रभारी अधीक्षक राजकीय बाल गृह रामकृपाल तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित रहें।






