जमीन की रजिस्ट्री अब घर की चौखट पर, बुजुर्गों-दिव्यांगों को बड़ी राहत, जेल में बंद कैदी भी करा सकेंगे दस्तावेज पंजीकरण
जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए रजिस्ट्री दफ्तरों के चक्कर लगाने वालों के लिए अब राहत की खबर है। आगरा में निबंधन विभाग ने ऐसी व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार लोग अब घर बैठे ही रजिस्ट्री करा सकेंगे। अब उन्हें न तो लंबी कतारों में लगना पड़ेगा और न ही फिसलन भरी सीढ़ियां चढ़ने की मजबूरी रहेगी।
सब-रजिस्ट्रार खुद पहुंचेंगे आवेदक के घर
निबंधन विभाग की नई पहल के तहत जो व्यक्ति शारीरिक रूप से रजिस्ट्री कार्यालय आने में असमर्थ हैं, उनके पास सब-रजिस्ट्रार स्वयं पहुंचकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुरू की गई है, जिनके लिए दफ्तर तक पहुंचना जोखिम भरा या असंभव हो गया है।
आवेदन के साथ देनी होगी स्थिति की जानकारी
सहायक महानिरीक्षक निबंधन योगेश कुमार के अनुसार, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आवेदक को संबंधित सब-रजिस्ट्रार को एक प्रार्थनापत्र देना होगा। बीमारी की स्थिति में इलाज का विवरण देना अनिवार्य होगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवेदक की शारीरिक स्थिति का वीडियो सत्यापन भी किया जाएगा।
5100 रुपये अतिरिक्त शुल्क, स्टांप शुल्क अलग
होम विजिट के जरिए रजिस्ट्री कराने पर 5,100 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जो सीधे सरकारी कोष में जमा होगा। इसके अलावा स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क नियमानुसार अलग से देय रहेगा।
रजिस्ट्री दफ्तर की सीढ़ियां नहीं बनेंगी बाधा
सदर तहसील स्थित रजिस्ट्री कार्यालय तीन मंजिला भवन में संचालित होता है, जहां की घिस चुकी सीढ़ियां बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई थीं। बरसात के दिनों में यहां हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। नई व्यवस्था के बाद अब असहाय और गंभीर मरीजों को इन जोखिमों से निजात मिलेगी।
जेल में बंद कैदी भी करा सकेंगे रजिस्ट्री
इस सुविधा का दायरा सिर्फ घर तक सीमित नहीं है। जेल में बंद कैदी भी अब जेल परिसर के भीतर ही रजिस्ट्री करा सकेंगे। इसके लिए बंदी को जेल अधीक्षक को सूचना देनी होगी, जो डीएम को अवगत कराएंगे। डीएम के निर्देश पर सब-रजिस्ट्रार अपनी टीम के साथ जेल जाकर विलेख पंजीकरण करेंगे। जेल में रजिस्ट्री कराने पर सिर्फ 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
निबंधन विभाग ने साफ किया है कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य सेवा को सुलभ, मानवीय और पारदर्शी बनाना है। यदि कहीं भी अवैध वसूली या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नई व्यवस्था से न केवल आम लोगों की मुश्किलें कम होंगी, बल्कि सरकारी सेवाओं को जनता की दहलीज तक पहुंचाने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।





