उतार–चढ़ाव के बीच राहत की खबर, बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी के घर नए साल की खुशखबरी

विवादों की आंधी में भी जश्न का मौका, पति प्रदीप गवांडे को मिला प्रमोशन
बाड़मेर।
आईएएस अभ्यर्थियों की प्रेरणा मानी जाने वाली बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी के लिए बीते कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहे हैं। जल संचयन अभियान में राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने के बावजूद उठे सवाल और कॉलेज छात्र आंदोलन से जुड़े विवादों ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया। लेकिन इसी तनावपूर्ण दौर के बीच नए साल में उनके परिवार को एक सुकून देने वाली खुशखबरी भी मिली है।
🔹 विवादों के बीच राहत का संदेश
टीना डाबी, जो अब तक अपने नवाचार और कार्यशैली के लिए जानी जाती रही हैं, पहली बार अपने काम को लेकर सार्वजनिक आलोचना के केंद्र में आईं। जल संचयन अभियान को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने मीडिया के सामने अपनी बात भी रखी। वहीं, कॉलेज छात्रों पर कार्रवाई के बाद भी उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
🔹 नई शुरुआत का मौका लेकर आया प्रमोशन
इसी बीच राज्य सरकार ने नए साल पर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की प्रमोशन सूची जारी की, जिसमें टीना डाबी के पति और जालोर कलेक्टर प्रदीप गवांडे का नाम भी शामिल है।
प्रदीप गवांडे को जूनियर स्केल से सिलेक्शन स्केल में प्रमोशन मिला है।
कुल 22 आईएएस अधिकारियों को इस सूची में पदोन्नति दी गई है।
वर्तमान में वे जालोर जिले के कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जो बाड़मेर से सटा जिला है।
🔹 बहन रिया डाबी भी सुर्खियों में
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान आईएएस रिया डाबी, जो टीना की छोटी बहन हैं, भी जल संचयन अभियान से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में बनी हुई हैं। एक ही परिवार की दो युवा आईएएस अधिकारियों पर उठे सवालों ने प्रशासनिक हलकों में भी बहस छेड़ दी है।
🔹 कभी खुशी, कभी गम वाला दौर
बीते दिनों की घटनाओं ने टीना डाबी के जीवन में “कभी खुशी, कभी गम” जैसी स्थिति बना दी है—एक ओर आलोचना और दबाव, तो दूसरी ओर परिवार में प्रमोशन की खुशी। यह खबर न सिर्फ प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय है, बल्कि युवा आईएएस अभ्यर्थियों के लिए यह संदेश भी देती है कि कठिन दौर के बीच भी सकारात्मक क्षण आते रहते हैं।
📌 आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीना डाबी इन चुनौतियों के बीच अपने प्रशासनिक सफर को किस दिशा में आगे ले जाती हैं।

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