जालौन में दशहरे पर आखिरकार रावण को मरना ही पड़ा
जालौन। हर साल की तरह इस बार भी रामलीला समिति ने रावण दहन के लिए पूरी तैयारी कर ली थी।
लेकिन इस बार मौसम ने खूब खेल खेला। सुबह 10 बजे तक लगातार बारिश से मानो रावण को लोअर कोर्ट से स्टे ऑर्डर मिल गया।
दोपहर 2 बजे रावण ने हाईकोर्ट में अर्जी डलवा दी। हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई तो आयोजकों के चेहरे फिर लटक गए।
लेकिन हिम्मत हारने वालों में नहीं थे समिति के लोग।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में ऑब्जेक्शन लगाया और आखिरकार रावण की अर्जी खारिज हो गई।
तीन दिन बाद जब मौसम साफ हुआ तो रामलीला मैदान में फिर रौनक लौट आई।शाम 4 बजे नगर में राम बारात निकाली गई और शाम 7 बजे रावण का दहन हुआ।
रावण का विशाल पुतला इस बार उरई रोड स्थित बांके बिहारी कॉलोनी मैदान में जलाया गया।
जैसे ही रावण दहन हुआ – आसमान जयघोष से गूंज उठा।
बुराई के प्रतीक रावण का अंत हुआ और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश गूंजा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे – एसडीएम विनय कुमार मौर्य, पुलिस उपाधीक्षक शैलेंद्र बाजपेई।

इसके अलावा पुनीत मित्तल, रामशरण विश्वकर्मा, सुशील गुप्ता, शशिकांत द्विवेदी, विष्णु अग्रवाल, राजा सिंह सेंगर समेत लगभग दो हजार महिला-पुरुष मौजूद रहे।
✨ आखिरकार… जालौन में दशहरे के दिन रावण को मरना ही पड़ा।
रिपोर्ट – महेश चौधरी, जालौन (फोकस न्यूज़ 24×7)






