झांसी पुलिस की सख्ती – जाति सूचक शब्द और काली फिल्म पर नकेल

“उत्तर प्रदेश में जातिवाद को हवा देने वालों पर कसा शिकंजा… झांसी पुलिस ने शुरू किया सख़्त अभियान… दो दर्जन से ज़्यादा वाहनों पर गिरी गाज… अब चेतावनी साफ – गाड़ियों से हटाओ जाति का ठप्पा, वरना होगी जब्ती की कार्रवाई…”

झांसी जिले के मोठ में पुलिस ने वाहनों पर जाति सूचक शब्दों और काली फिल्म लगाने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
शासन के आदेश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान में अब तक दो दर्जन से ज़्यादा चालान काटे जा चुके हैं।

पुलिस का साफ कहना है—
“‘जाट’, ‘गुर्जर’, ‘चौधरी’ या किसी भी जाति-धर्म से जुड़े शब्द लिखना न केवल मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक एकता के लिए ज़हर है।”

चार पहिया वाहनों पर काली फिल्म लगाना भी सीधे तौर पर सुरक्षा खतरा है। इसलिए चेकिंग में पकड़े जाने पर तुरंत चालान और बार-बार गलती करने वालों पर वाहन जब्ती कि कार्रवाई की जाएगी।

मोठ कोतवाल अखिलेश द्विवेदी ने जनता से अपील की है कि “वाहनों से जातिवादी और विभाजनकारी शब्द हटा दें। यह समाज को बाँटने का काम करता है, पुलिस अब किसी तरह की ढील नहीं देगी।”

इलाहाबाद हाईकोर्ट के ताज़ा आदेश के बाद पूरे प्रदेश में यह अभियान और तेज़ कर दिया गया है।
पुलिस लगातार स्टिकर हटवा रही है और लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील कर रही है।

“यानी अंदेश साफ है… जाति का ठप्पा लगाने वाले अब नहीं बचेंगे। पुलिस की डंडा पॉलिसी जारी है… और झांसी में संदेश साफ है – गाड़ी चलाओ… लेकिन समाज को बाँटने का ठेका मत लो…”

संवाददाता विवेक तिवारी

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